कल्याणी
कल्याणी दूरदर्शन के विकास संप्रेषण प्रभाग और केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय का एक संयुक्त प्रयास है । कल्याणी एक स्वास्थ्य संबंधी धारावाहिक कार्यक्रम है जिसे 30 मई, 2002 को विश्व तम्बाकू निषेध दिवस को भारत की सर्वाधिक आबादी वाले आठ राज्यों में शुरू किया गया था । उस समय इस कार्यक्रम में मलेरिया, एचआईवी/एड्स, क्षयरोग, आयोडीन की कमी, तम्बाकू से संबंधित तथा जल से उत्पन्न होने वाले रोगों पर बल दिया गया था । बाद के वर्षों में इसमें कुष्ठरोग, अंधापन नियंत्रण और खाद्य सुरक्षा जैसे अन्य मामले भी शामिल कर लिए गए ।
इसकी संकल्पना आवश्यकता आधारित, भागीदारी और मनोरंजन कार्यक्रम के रूप में की गई थी जिसका उद्देश्य व्यवहार में परिवर्तन लाना और सामाजिक कार्य करना था । इसके अलावा, कल्याणी स्वास्थ्य क्लब स्थापित करने की अग्रणी पहल ने बिना कोई समय गंवाए इस अभियान की प्रभावोत्पादकता प्रमाणित कर दी और इसने अक्तूबर, 2002 में प्रजनन बाल स्वास्थ्य से संबंधित एक और साप्ताहिक कार्यक्रम - कल्याणी-II के लिए मार्ग प्रशस्त कर दिया। कल्याणी-II में कल्याणी कार्यक्रम प्राप्त करने वाले आठ राज्यों के साथ उत्तरांचल राज्य का नाम भी जुड़ गया ।
कल्याणी अब देश के सर्वाधिक आबादी वाले नौ राज्यों में निर्मित और प्रसारित किया जाता है जिसका लक्ष्य देश की लगभग आधी जनसंख्या है ।
कल्याणी-I को आरंभ करने से पूर्व बहुत अधिक योजना एवं समन्वय कार्य किया गया था । कार्यक्रम के विभिन्न स्तरों पर समर्पित टीमों का गठन किया गया था । आरंभिक चरणों में, नीति निर्माताओं, विशेषज्ञों एवं सेवा प्रदाताओं तथा निर्माताओं के साथ राष्ट्रीय कार्यशालाएं आयोजित की गईं जिनमें महत्वपूर्ण संदेश तैयार किए गए । इन कार्यशालाओं के पश्चात क्षेत्रीय कार्यशालाएं आयोजित की गईं, जिनका उद्देश्य संबंधित जिलों और राज्यों के स्वास्थ्य अधिकारियों तथा कार्यक्रम निर्माताओं के बीच संपर्क स्थापित करना था ।
कार्यक्रम आरंभ होने के पश्चात कार्यक्रम श्रृंखला के निर्देशकों द्वारा पोस्ट लाँच कार्यशालाएं आयोजित की जाती हैं जिनमें सभी केन्द्रों के निर्माता फील्ड से बाहर प्राप्त हुए अनुभवों को आपस में बांटते हैं । इन कार्यशालाओं में परियोजना की नियमित मॉनिटरिंग और सॉफ्टवेयर की गुणता का परीक्षण भी किया जाता है । समय-समय पर कार्यक्रमों की पूर्व-जांच और लक्ष्य दर्शकों के बीच सामूहिक विचार-विमर्श से टेलीविजन स्क्रीन से बाहर के दर्शकों तक अधिक प्रभावी ढंग से संदेश पहुंचाया जाता है ।
केन्द्रीय टीम संदेशों में प्रामाणिकता, प्रासंगिकता और सहक्रिया सुनिश्चित करती है । सभी निर्माण केन्द्रों में संरचना, योजना, फारर्मेट की संकल्पना, निरूपण एवं प्रस्तुति की शैली तथा निर्माण संबंधी कुछ विशेषताएं एक समान हैं । इसके अतिरिक्त, सभी राज्यों में कल्याणी के एक समान स्टुडियो और आउटडोर सेट हैं तथा यही बात इसके ट्रेक टाइटल पर भी लागू होती है । साथ ही, प्रत्येक निर्माण केन्द्र को कार्यक्रम को क्षेत्र विशिष्ट बनाने के लिए पर्याप्त अवसर दिया जाता है । क्षेत्रीय केन्द्रों के कार्यक्रम निर्माता कार्यक्रमों का क्षेत्रीय भाषाओं और बोलियों में निर्माण करते हैं जिनमें वे गीतों, नृत्यों और नाटकों जेसे मनोरंजक फार्मेंटों के जरिए संदेश पहुँचाने के लिए स्थानीय लोक शैलियों एंव स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों का उपयोग करते हैं ।
कार्यक्रम दो प्रकार के एंकरों द्वारा प्रस्तुत किया जाता है: शहरी दिखाई देने वाले एंकर जो फोन-इन कार्यक्रम प्रस्तुत करते हैं तथा डाक्टरों/विशेषज्ञों का इंटरव्यू लेते हैं और प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम आदि प्रस्तुत करते हैं । दूसरे प्रकार के एंकर स्टॉक करेक्टर होते हैं ।
असमिया, उड़िया फिल्म उद्योग के कलाकार संबंधित केंद्रों में स्टॉक करेक्टर होते हैं जिन्हें असम से "नो प्रॉब्लम", उडिया में शहरी दीदी (बहन) और चकुलिया पांडा, छत्तीसगढ़ में गोटिया (राय बनाने वाला) और कल्याणी जैसे नाम दिए गए हैं । इनमें से प्रत्येक ने अपनी एक अलग शैली विकसित की है लेकिन लक्ष्य एकसमान है । स्थानीय दर्शक इनके साथ जुड़ सकते हैं, उन पर भरोसा कर सकते हैं और जो हास्य पैदा कर सकते हैं ।
कल्याणी का वाणिज्यिक विपणन
कल्याणी, जो विभिन्न रोगों के संबंध में स्वास्थ्य संप्रेषण पहल को समर्पित कार्यक्रम है, वाणिज्यिक दृष्टि से इतना सफल सिद्ध हुआ है कि इसके स्लॉट की फीस बढ़ाकर क्षेत्रीय समाचार के बराबर कर दी गई है तथा यही एक मात्र ऐसा कार्यक्रम है जिसने यह उपलब्धि हासिल की है ।
अनुसंधान अध्ययनों से पता चला है कि:
Ø कल्याणी ने सूचना रखने वालों और सूचना न रखने वालों के बीच के अंतर को समाप्त कर दिया है ।
Ø स्वास्थ्य पत्रिका ने संज्ञानात्मक (जानकारी) तथा भावात्मक (व्यवहार) दोनों क्षेत्रों में वास्तविक रूप से प्रभाव डाला है ।
Ø कल्याणी के माध्यम से इसमें कवर की गई बीमारियों, उनकी व्यापकता, लक्षणों, बरती जाने वाली सावधानियों तथा उपचार के बारे में दर्शकों की जानकारी बढ़ी है ।
Ø गैर-उपदेशात्मक दृष्टिकोण अपनाने का बहुत अधिक लाभ मिला है । मनोरंजक शैली में प्रस्तुत की गई सूचना को पर्याप्त रूप से आत्मसात किया गया है ।
Ø स्टॉक करेक्टरों/एंकरों ने अपनी समानुभूतिपूर्ण, उल्लासमय और आकर्षक शैली से संदेशों का प्रचार-प्रसार करने तथा ग्रामीण जनता में जागृति पैदा करने में महत्वर्पूण भूमिका निभाई है ।
Ø महिलाओं ने कल्याणी कार्यक्रम में गहरी रुचि दिखाई है । वे परिवार के स्वास्थ्य की प्राकृतिक संरक्षक होती हैं तथा जब उन्हें प्रेरित किया जाता है तब वे उत्तम परिवर्तन एजेंट बन जाती हैं ।
Ø कुल मिलाकर, कल्याणी कार्यक्रम सूचना और मनोरंजन के घटकों के बीच एक सुंदर कड़ी स्थापित करने में सफल रहा है । तथापि, यह सुनिश्चित करने के लिए ध्यान रखा जाए कि आगे चलकर बाद वाला घटक अर्थात मनोरंजन बाधक न बन जाए ।
Ø कुछ एंकर घरेलू नाम बन गए हैं । तथापि, दर्शक जनता की संवेदनशीलता और भावुकता को सदैव ध्यान में रखते हुए केन्द्रों के लिए उन्हें यह परामर्श देना उचित होगा कि उनकी मिलनसारिता का छिछोरापन या बक-बक के रूप में गलत अर्थ न लगाया जाए ।
Ø प्रजनन और बाल स्वास्थ्य ने अपनी विषय-वस्तु के स्वरूप के अनुरूप जनता के दिलों को छू लिया है ।
Ø कुल मिलाकर निचोड़ यह है कि कल्याणी-I और कल्याणी-II ने उस दर्शक जनता की खूब शाबाशी/वाहवाही लूटी है जिसने स्वास्थ्य पत्रिका की सराहनीय और उत्कृष्ट उपयोगी प्रयास के रूप में प्रशंसा की है ।
श्री बी.आर. चलपतिराव
परियोजना सलाहकार
दर्शक अनुसंधान सर्वेक्षण, 2003
Ø टेलीविजन चैनलों पर स्वास्थ्य संबंधी पहलुओं पर प्रसारित किए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों और विज्ञापनों में से कल्याणी सर्वाधिक प्रभावी स्रोत है जिसने 50% से अधिक "रिकॉल रेट" आकर्षित किया है, जो अन्य कार्यक्रमों अथवा कार्यकलापों की तुलना में बहुत अधिक है ।
Ø यह मानते हुए कि परिवार के सभी सदस्य इस कार्यक्रम को एक साथ मिलकर देख रहे हैं, कल्याणी कार्यक्रम पूरे परिवार के साथ बातचीत करता है ।
Ø इसके मुख्य दर्शक 16-45 वर्ष की आयु वर्ग की गृहणियां, विद्यार्थी, व्यापारी/व्यावसायी और 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति हैं । यह कार्यक्रम हाई स्कूल से नीचे के स्तर और स्नातकपूर्व स्तर के विद्यार्थियों में काफी लोकप्रिय है ।
Ø कल्याणी के लगभग 68% दर्शकों का मानना है कि यह कार्यक्रम स्वास्थ्य और विकास संबंधी अन्य कार्यक्रमों से काफी अलग है। इसकी विषयवस्तु, प्रस्तुतिकरण शैली और फ्रेमिंग अद्वितीय प्रकार की है जो लोगों को आकर्षित करने के साथ-साथ कार्यक्रम को आगे देखने की जिज्ञासा उत्पन्न करती है ।
रश्मि पी. भास्करन
स्रोत: दर्शक अनुसंधान सर्वेक्षण, दूरदर्शन, 2004
v कल्याणी और सूचना के अन्य स्रोतों से प्राप्त सूचना
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अन्य टेलीविजन कार्यक्रम |
कल्याणी |
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· सीमित विषयों को कवर करते हैं ।
· सम्प्रेषण की केवल एक पद्धति अर्थात् ड्रामा/नाटक का ही उपयोग करते हैं ।
· मातृ स्वास्थ्य और परिवार नियोजन के बारे में कम एवं संक्षिप्त सूचना प्रदान करते हैं ।
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· अनेक बीमारियों और विषयों को कवर करता है
· संप्रेषण की विभिन्न पद्धतियों का उपयोग करता है ।
· स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत और गहन जानकारी देता है ।
· स्वास्थ्य संबंधी जानकारी बार-बार दी जाती है ।
· जीवन की वास्तविक परिस्थितियों को उठाता है जिससे इन विषयों की पूरी जानकारी प्राप्त हो जाती है ।
· सरल और स्थानीय भाषा में जानकारी दी जाती है जिससे यह एक अलग प्रकार का कार्यक्रम बन जाता है ।
· यह एक सुसम्बद्ध एवं ठोस कार्यक्रम है।
· "जासूस विजय" एचआईवी/एड्स के बारे में गहन जानकारी प्रदान करता है, जिससे "रिकॉल रेट" में वृद्धि हुई है । |
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रेडियो कार्यक्रम |
कल्याणी
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स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी प्रदान करते हैं, परंतु अधिकांश बातचीत, साक्षात्कारों पर आधारित होते हैं । |
दृश्यों के साथ विस्तृत जानकारी प्रदान करता है और अधिक इंटरएक्टिव होता है। |
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अन्य स्रोत - प्रिंट |
कल्याणी |
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· लिखित सूचना साक्षर व्यक्तियों के लिए उपयोगी होती है और वे ही इसे रख सकते हैं ।
· गरीब और ग्रामीण क्षेत्र में अधिकांश दर्शक या तो कम पढ़े-लिखे या अनपढ़ होते हैं । इसलिए मुद्रित सूचना उन तक नहीं पहुंचती है तथा उन्हें दूसरों पर अधिक निर्भर रहना पड़ता है । |
· दृश्य और श्रव्य प्रभाव के साथ कल्याणी कार्यक्रम विस्तृत, व्यापक और प्रस्तुति की दृष्टि से आकर्षक होते हैं ।
· कल्याणी कार्यक्रमों का लक्ष्य समस्त सामाजिक-आर्थिक वर्गों के लोगों के लिए है और उन्हें अपनी समस्याएं डाक्टर को बताने के लिए आमंत्रित किया जाता है तथा वे अत्यंत सरल भाषा में उत्तर प्राप्त करते हैं ।
· किसी भी अन्य स्रोत की तुलना में आसानी से समझे जा सकते हैं । |
(स्रोत: दूरदर्शन दर्शक अनुसंधान सर्वेक्षण 2004-05)
स्वतंत्र विशेषज्ञ द्वारा मूल्यांकन
अभियान की असाधारण विशेषताएं
Ø कल्याणी के साथ दूरदर्शन ने भारत में विकास संप्रेषण के क्षेत्र में अनेक बातें पहली बार आरंभ की हैं और कई उपलब्धियां पहली बार हासिल की हैं ।
Ø दूरदर्शन पर पहला अनुसंधानोन्मुखी कार्यक्रम
Ø विकास कार्यक्रम के लिए ब्रांड बनाना
Ø समर्पित कार्यक्रम निर्माण दल
Ø गैर-उपदेशात्मक मनोरंजन स्वास्थ्य कार्यक्रम
Ø स्थानीय स्टॉक कलाकारों द्वारा प्रस्तुति
Ø दर्शकों की अधिकतम भागीदारी
Ø "सच्चा वास्तविक टेलीविजन" एक बीबीसी प्रशिक्षक
Ø ग्रामीण संप्रेषण प्रयोगों से प्राप्त अनुभवों के आधार पर विकसित कार्यक्रम निर्माण संबंधी विशेषताओं और संप्रेषण रणनीति से कल्याणी को एक लोकप्रिय टेलीविजन कार्यक्रम बनाने में सहायता मिली है । "कल्याणी स्वास्थ्य क्लब" की पहल ने इस कार्यक्रम को एक मिशन बना दिया है । कल्याणी क्लब की पहल ने इसे जन आंदोलन का रूप दे दिया है ।
सम्मान:
Ø 31वां आरएपीए (रेडियो एंड टेलीविजन एडवरटाइजिंग प्रेक्टिशनर्स एसोसिएशन) पुरस्कार, 2006
Ø रोज डी' ऑर अवार्ड, 2005 (एचआईवी/एड्स) के लिए नामांकन
Ø गेट्स मलेरिया पार्टनशिप, कॉमनवैल्थ ब्रॉडकास्टिंग एसोसिएशन अवार्डस, 2004
Ø दूरदर्शन वार्षिक पुरस्कार, 2003 (वर्ष का सर्वोत्तम कार्यक्रम)