अधिनियम तथा दिशा-निर्देश


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अधिनियम तथा दिशा-निर्देश

प्रसार भारती अधिनियम और नियम : -

 

प्रसार भारती (भारतीय प्रसारण निगम) अधिनियम, 1990 (1990 का 25)

(12 सितम्बर, 1990)

      भारतीय प्रसारण निगम की, जिसका नाम प्रसार भारती होगा, स्थापना का उपबंध करने, उसके गठन, कृत्य तथा शक्तियां परिनिश्चित करने और उससे संबद्ध या उनके आनुषंगिक विषयों का उपबंध करने के लिए अधिनियम ।

 

      भारत गणराज्य के इकतालीसवें वर्ष में संसद द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो:

     

(1)    परंतु प्रति वर्ष कम से कम छह अधिवेशन होंगे और एक अधिवेशन और दूसरे अधिवेशन के बीच तीन मास का अंतर नहीं होगा ।

 

            (2)  यदि कोई बोर्ड सदस्य अध्यक्ष की अनुमति के बिना बोर्ड के लगातार तीन अधिवेशनों से अनुपस्थित रहता है तो ऐसे बोर्ड सदस्य के बारे में यह समझा जाएगा कि उसने अपना पद रिक्त कर दिया है

 

            (3) अध्यक्ष बोर्ड के अधिवेशनों की अध्यक्षता करेगा और यदि वह किसी कारण से किसी अधिवेशन में उपस्थित होने में असमर्थ है तो कार्यपालक बोर्ड सदस्य और दोनों की अनुपस्थिति में, ऐसे अधिवेशन में उपस्थित बोर्ड सदस्यों द्वारा निर्वाचित कोई अन्य बोर्ड सदस्य, अधिवेशन की अध्यक्षता करेगा

 

            (4) बोर्ड के किसी अधिवेशन में उपस्थित सभी प्रश्नों का विनिश्चय उपस्थित और मत देने वाले बोर्ड सदस्यों के बहुमत से किया जाएगा और मत बराबर होने की दशा में, अध्यक्ष का या उसकी अनुपस्थिति में अध्यक्षता करने वाले व्यक्ति का दूसरा या निर्णायक मत होगा और वह उसका प्रयोग करेगा

 

9.     निगम के अधिकारी और अन्य कर्मचारी

 

        (1)  ऐसे नियंत्रण, निबंधन और शर्तों के अधीन रहते हुए, जो विहित की जाएं, निगम, भर्ती बोर्ड से परामर्श करने के पश्चात् महानिदेशक (आकाशवाणी), महानिदेशक (दूरदर्शन) और ऐसे अन्य अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों को, जो आवश्यक हों, नियुक्त कर सकेगा

 

        (2)  ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों की भर्ती की पद्धति और उससे संबद्ध सभी अन्य विषय तथा ऐसे अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों की सेवा की शर्तें ऐसी होंगी जिनका विनियमों द्वारा उपबंध किया जाए

 

 

 

10.   भर्ती बोर्डों की स्थापना

 

            (1)  निगम दिन के पश्चात् यथाशीघ्र और ऐसी रीति से तथा ऐसी शर्तों और निबन्धनों के अधीन रहते हुए, जो विहित किए जाएं, धारा 9 के प्रयोजनों के लिए एक या अधिक भर्ती बोर्डों की स्थापना करेगा जिसमें ऐसे व्यक्ति होंगे जो निगम के सदस्य, अधिकारी और अन्य कर्मचारी नहीं हैं :

 

            परंतु ऐसे पदों पर, जिनके वेतनमान केंद्रीय सरकार के संयुक्त सचिव के वेतनमान से कम नहीं हैं, नियुकित के प्रयोजनों के लिए, भर्ती बोर्ड अध्यक्ष, अन्य बोर्ड सदस्य, पदेन बोर्ड सदस्य, नामनिर्दिष्ट बोर्ड सदस्य और निर्वाचित बोर्ड सदस्यों से मिलकर बनेगा

 

        (2)  भर्ती बोर्ड गठित करने वाले सदस्यों की अर्हताएं और सेवा की अन्य शर्तें और वह अवधि, जिसके लिए वे पदधारण करेंगे ऐसी होंगी जो विहित की जाएं

 

11.   विद्यमान कर्मचारियों की सेवा का निगम को अंतरण

 

        (1)  जहां केंद्रीय सरकार ने किन्हीं ऐसे कृत्यों का, जो धारा 12 के अधीन निगम के कृत्य हैं, पालन करना समाप्त कर दिया है वहां केंद्रीय सरकार के लिए यह विधिपूर्ण होगा कि वह आदेश द्वारा और ऐसी तारीख या तरीखों से, जो आदेश में विनिर्दिष्ट की जाएं, ऐसे किन्हीं अधिकारियों या अन्य कर्मचारियों को, जो आकाशवाणी या दूरदर्शन में सेवारत हैं और उन कृत्यों का संपादन करने में लगे हुए हैं, निगम को अंतरित कर दें :

 

        परंतु इस उपधारा के अधीन कोई आदेश आकाशवाणी या दूरदर्शन के किसी ऐसे अधिकारी या अन्य कर्मचारी के संबंध में नहीं किया जाएगा जिसने ऐसे अधिकारी या अन्य कर्मचारी को निगम को अंतरित किए जाने की केंद्रीय सरकार की प्रस्थापना की बाबत, निगम का कर्मचारी बनने का अपना आशय ऐसे समय के भीतर, जो केंद्रीय सरकार इस निमित्त विनिर्दिष्ट करे, प्रज्ञापित कर दिया है

 

        (2)  उपधारा (1) के उपबंध भारतीय सूचना सेवा, केंद्रीय सचिवालय सेवा या किसी अन्य सेवा को या आकाशवाणी तथा दूरदर्शन बाह्य काडरों के ऐसे व्यक्तियों को भी लागू होंगे, जो नियत दिन से ठीक पूर्व आकाशवाणी या दूरदर्शन में कार्य कर रहे हैं :

 

        परंतु जहां कोई ऐसा सदस्य, निगम का कर्मचारी बनने का और प्रतिनियुक्ति पर बने रहने का अपना आशय उपधारा (1) में विनिर्दिष्ट समय के भीतर प्रज्ञापित करता है वहां उसे ऐसे निबंधनों और शर्तों के अनुसार, जो विहित की जाएं, प्रतिनियुक्ति पर बने रहने के लिए अनुज्ञात किया जा सकेगा

 

        (3) उपधारा (1) के अधीन कोई आदेश करते समय केंद्रीय सरकार, यथाशक्य उन कृत्यों पर, जिनका पालन करना, यथास्थिति, आकाशवाणी या दूरदर्शन ने समाप्त कर दिया है या समाप्त कर देता है और उन क्षेत्रों पर जिनमें ऐसे कृत्यों का पालन किया गया है या किया जाता है, विचार करेगी

 

        (4) उपधारा (1) के अधीन किए गए किसी आदेश द्वारा अंतरित कोई अधिकारी या अन्य कर्मचारी, अंतरण की तारीख से ही केंद्रीय सरकार का कर्मचारी नहीं रह जाएगा और ऐसे पदनाम सहित, जो निगम अवधारित करे, निगम का कर्मचारी हो जाएगा और उपधारा (5) और उपधारा (6) के उपबंधों के अधीन रहते हुए, पारिश्रमिक और सेवा की अन्य शर्तों की बाबत, जिनके अंतर्गत