हिंदी फीचर फिल्मों के लिए दिशा-निर्देश

  उत्तर-पूर्वी चैनलों के कमीशंड कार्यक्रमों के लिए दिशा-निर्देश

  दूरदर्शन प्रायोजकता योजना संबंधी दिशा-निर्देश

  स्व-वित्त पोषित कमीशनिंग योजना के लिए दिशा-निर्देश

  कार्यक्रमों के अर्जन के लिए दिशा-निर्देश

  कमीशंड कार्यक्रमों के लिए दिशा-निर्देश

  अधिनियम तथा दिशा-निर्देश


दूरदर्शन भवन,
कॉपरनिकस मार्ग,
नई दिल्ली- 110001
ईमेल:
webadmin@dd.nic.in



उत्तर-पूर्वी चैनलों के कमीशंड कार्यक्रमों के लिए दिशा-निर्देश

 

प्रसार भारती

दूरदर्शन महानिदेशालय

 

विषय: दूरदर्शन के उत्तर-पूर्वी चैनलों पर प्रसारण के लिए कमीशंड कार्यक्रमों पर विचार करने, कार्रवाई करने और उन्हें अनुमोदित करने के लिए दिशा-निर्देश ।

 

उत्तर-पूर्वी क्षेत्र एक ऐसा क्षेत्र है जहां संचार और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के विकास को विशेष महत्व दिए जाने की आवश्यकता है । प्रसार भारती उत्तर-पूर्व में प्रतिभाओं को बढ़ावा देने और प्रोत्साहित करने, योग्य निर्माताओं/ कलाकारों को एक मंच उपलब्ध कराने तथा दूरदर्शन के दर्शकों के लाभ के लिए स्थानीय भाषाओं/बोलियों में कार्यक्रमों के निर्माण को बढ़ावा देने के संबंध में विशेष प्रयास कर रहा है । दूरदर्शन का प्रयास क्षेत्र की समृद्ध संस्कृति, इसकी कला, संगीत एवं साहित्य को दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत करने का है ।

 

इन-हाउस निर्माण के प्रयासों से निर्मित कार्यक्रमों की कमी को पूरा करके, पारदर्शी और न्यायोचित पद्धति द्वारा कार्यक्रमों में विविधता लाकर तथा देश के इस क्षेत्र में टेलीविजन कार्यक्रमों के निर्माण में उत्कृष्टता लाकर कार्यक्रमों की कमीशनिंग उपर्युक्त लक्ष्यों को प्राप्त करती है ।

 

1     कमीशन करने की पद्धति

 

      प्रसार भारती द्वारा निधियों की उपलब्धता को ध्यान में हुए रखते दूरदर्शन मुख्यालय/अथवा उसके दूरदर्शन क्षेत्रीय केंद्रों दोनों स्तरों पर कार्यक्रमों की कमीशनिंग की जाएगी ।

 

इन दिशा-निर्देशों में दी गई कार्यविधि का अनुपालन करते हुए पैनल में शामिल निर्माताओं के कार्यक्रम कमीशन किए जाएंगे ।

 

क. पैनल तैयार करना

 

      दूरदर्शन द्वारा अपने नेटवर्क पर घोषणाएं करके, अपनी वेबसाइट पर विज्ञापन देकर, दूरदर्शन केंद्रों के नोटिस बोर्डो पर नोटिस लगाकर तथा साथ ही समाचार पत्रों में विज्ञापन देकर निर्माताओं/फर्मों का पैनल तैयार करने के लिए आवेदन पत्र आमंत्रित किए जाएंगे ।

 

i     पात्रता

 

निर्माता/निर्देशक के रूप में टीवी कार्यक्रमों के निर्माण में कम से कम पांच वर्ष का अनुभव

(एफटीआईआई, एनएसडी, केंद्र सरकार के संस्थानों, सत्यजीत रे फिल्म और टीवी संस्थान आदि से डिग्री/डिप्लोमा धारकों को अनुभव में छूट दी जा सकती है)

 

ii    आवेदनपत्र

 

     निर्माता/निर्देशक की हैसियत से कार्यक्रमों के निर्माण में अनुभव के ब्यौरे सहित आवेदक का पूरा बायो-डाटा ।

 

    प्रसारण (प्रसारण की तारीख और समय) के ब्यौरे, अनुमोदन/स्वीकृति पत्र/किसी      अन्य दस्तावेजी प्रमाण सहित टीवी चैनलों के लिए निर्मित/निर्देशित कार्यकमों का दस्तावेजी प्रमाण ।

 

     यदि आवेदक कोई कंपनी है तो आवेदन पत्र के साथ कंपनी की बहिर्नियमावली/ अंतर्नियमावली की प्रति सहित कंपनी की स्थापना के प्रमाण पत्र की प्रति प्रस्तुत की जानी चाहिए। भागीदारी फर्म के मामले में भागीदारी विलेख और पंजीकरण प्रमाणपत्र, यदि कोई हो, की प्रति प्रस्तुत की जानी चाहिए ।

 

     आवेदक के निवास के प्रमाण के रूप में राशन कार्ड/पैन कार्ड/मतदाता पहचान पत्र या पासपोर्ट की सत्यापित प्रति ।

 

     अधिसूचित किए गए 75% कार्यक्रम उत्तर-पूर्व के निवासियों के लिए आरक्षित हैं तथा शेष 25% गुण-दोष के आधार पर खुली प्रतिस्पर्धा के लिए हैं । इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए उत्तर-पूर्व के निवासियों को यह साबित करने के लिए दस्तावेजी प्रमाण प्रस्तुत करना होगा कि कंपनी/फर्म की प्रमुख शेयरधारिता उन व्यक्तियों के हाथ में है जो उत्तर-पूर्व के निवासी हैं । निवासीय स्थिति के समर्थन में  स्टेट सबजेक्ट सर्टिफिकेट की सत्यापित प्रति अनिवार्य रूप से प्रस्तुत की जानी चाहिए भागीदारी फर्म के मामले में प्रत्येक भागीदार के संबंध में स्टेट सबजेक्ट सर्टिफिकेट की प्रति प्रस्तुत की जानी चाहिए

 

       उत्तर-पूर्व के निवासियों द्वारा प्रस्तुत आवेदन पत्र के ऊपर श्रेणी  ‘क’ पैनल में शामिल करने के लिए आवेदनपत्र लिखा होना चाहिए खुली प्रतिस्पर्धा की श्रेणी के अन्य निर्माताओं द्वारा प्रस्तुत आवेदन पत्र के ऊपर श्रेणी में पैनलबद्ध करने के लिए आवेदन पत्र लिखा होना चाहिए

 

       आवेदक द्वारा निर्मित कार्यक्रमों की एक शो रील

 

       पिछले 3 वर्ष का लेखापरीक्षित तुलन-पत्र, आयकर रिटर्न और पेन कार्ड की प्रति

 

       पीबीबीसीआई : दूरदर्शन महानिदेशालय, नई दिल्ली के पक्ष में दिल्ली में देय बैंक ड्राफ्ट के रूप में आवेदनपत्र के साथ 5,000/- रु. का प्रक्रिया शुल्क ।

 

­ञ     आवेदनपत्र के साथ एक शपथपत्र प्रस्तुत करना होगा कि निर्मित/निर्देशित और प्रसारित कार्यक्रमों, वित्तीय स्थिति एवं अन्य संबंधित पहलुओं के संबंध में प्रस्तुत की गई सूचना सही है तथा यदि आवेदन के साथ प्रस्तुत की गई सूचना गलत पाई जाती है तो सौंपे गए कार्य को समाप्त करने पर आवेदक को कोई आपत्ति नहीं होगी ।

 

iii.   लघु सूचीकरण

 

      पात्रता, अनुभव, कार्यक्रम की शो रील/पायलट, पटकथा/संकल्पना, निर्माता द्वारा प्रस्तुतिकरण और प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों के आधार पर श्रेणी क और ख के पैनलों में शामिल करने के लिए आवेदनपत्रों की लघु सूची तैयार की जाएगी ।

 

(पैनल में शामिल हो जाने के बाद भविष्य में किए जाने वाले समस्त पत्राचार में श्रेणी का उल्लेख किया जाएगा) । ऐसा पैनल पांच वर्ष की अवधि के लिए वैध होगा ।

 

प्रत्येक ऐसी भाषा/बोली के पैनल बनाए जाएंगे, जिनके कार्यक्रमों को कमीशन किया जाना है । यदि एक ही आवेदक द्वारा एक से अधिक भाषा/बोली के पैनल में शामिल होने के लिए आवेदन किया जाता है, तो प्रत्येक मामले में अलग-अलग प्रक्रिया शुल्क सहित आवेदन पत्र प्रस्तुत किया जाएगा।

 

ख. कार्यक्रम के लिए प्रस्ताव आमंत्रित करना

i.   एक नोटिस देकर पैनल में शामिल निर्माताओं से अभिज्ञात विषय-वस्तुओं/विषयों पर प्रस्ताव आमंत्रित किए जाएंगे । नोटिस में अन्य बातों के साथ-साथ प्रत्येक चैनल, भाषा/बोली के लिए अपेक्षित कार्यक्रम की श्रेणियों, शैलियों, विषय-वस्तुओं, विषयों, कड़ियों की संख्या/ कार्यक्रम के घंटों का ब्यौरा दिया जाएगा ।

 

ii.   दूरदर्शन को कमीशंड किए जाने वाले कार्यक्रमों, उनके स्वरूप/शैली, विषय-वस्तु/विषय तथा कड़ियों की संख्या में किसी भी समय परिवर्तन करने का अधिकार होगा तथा इस संबंध में उसका निर्णय अंतिम होगा ।

 

iii.   दूरदर्शन नियत बजट के आधार पर अथवा निर्धारित बजट के आधार पर कार्यक्रम कमीशन कर सकता है परंतु नियत बजट केवल सामान्य कमीशनिंग के मामले में लागू होगा तथा निर्धारित बजट मुख्य कार्यकारी अधिकारी की अध्यक्षता में गठित अधिकार समिति द्वारा चयन किए गए सुविख्यात निर्माताओं के असाधारण मामलों में लागू होगा । लागत निर्धारण का आधार समिति की कार्यवाहियों में रिकार्ड किया जाएगा । नियत बजट पद्धति में, आवेदक से दूरदर्शन द्वारा विनिर्दिष्ट कड़ी की कीमत के अंदर कार्यक्रम निर्मित करने का प्रस्ताव प्रस्तुत करने की आशा की जाएगी जबकि निर्धारित बजट पद्धति में कड़ी की कीमत लागत निर्धारण समिति द्वारा तय की जाएगी । नोटिस में बजट पद्धति का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया    जाएगा ।

 

ग. कार्यक्रम संबंधी प्रस्ताव प्रस्तुत करना

 

निम्नलिखित सूचना और दस्तावेज प्रस्तुत की जाएंगे:-

 

i.   कार्यक्रम का विषय, शीर्षक, भाषा, विषय-वस्तु, श्रेणी, शैली (अर्थात कथा-साहित्य, वृत्तचित्र, क्विज आदि) ।

 

ii.   धारावाहिकों के मामले में विस्तृत स्टोरी लाइन । एक कड़ी वाले कार्यक्रमों के मामले में कहानी/विषय, प्रतिपादन की विस्तृत रूप-रेखा और स्क्रिप्ट ।

 

iii.   4 कड़ियों तक के लघु धारावाहिक के मामले में संकल्पना और प्रतिपादन सहित सभी कड़ियों की विस्तृत दृश्य योजना स्क्रिप्ट/स्क्रीन प्ले । लंबे धारावाहिकों के मामले में सभी कड़ियों अथवा 26 कड़ियों, इनमें से जो भी कम हो, का संक्षिप्त कथासार तथा उसके साथ चार कड़ियों की दृश्य विधान स्क्रिप्ट/स्क्रीन प्ले ।

 

iv.   निर्माण दल का ब्यौरा जिसमें निर्देशक, शोधकर्ता, पटकथा लेखक, फोटोग्राफी निर्देशक और संगीत निर्देशक के नाम, बायोडाटा और पते दिए गए हों तथा उसके साथ प्रत्येक से इस बात की लिखित पुष्टि कि वे कार्यक्रम के निर्माण कार्य में लगे रहने के लिए सहमत हैं । एक बार सूचित करने के बाद प्रसार भारती की पूर्व सहमति के बिना निर्माण दल में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा ।

 

v.   निर्माण की लागत जिसमें निर्माण-पूर्व, निर्माण और निर्माणोपरांत अवस्थाओं पर बजट का पूरा ब्यौरा दिया गया हो (इसे मुख्य लिफाफे के अंदर एक अलग मुहरबंद लिफाफे में रखा जाएगा जिस पर ‘प्रस्तावित बजट’ लिखाहोगा।                                                                                  

 

vi.   क्विकीज, स्पॉट आदि के निर्माण के लिए पूरी कहानी और निर्माणोपरांत ब्यौरे के साथ यही ब्यौरा दिया जाएगा ।

 

vii.   इस आशय का शपथपत्र कि यदि प्रस्तुत की गई सूचना गलता पाई जाती है तो सौंपे गए कार्यक्रम को निरस्त करने पर आवेदक को कोई आपत्ति नहीं होगी ।

 

viii.   आवेदक/निर्माता प्रसार भारती द्वारा यथा अपेक्षित अन्य दस्तावेज प्रस्तुत करेगा और अन्य सूचना उपलब्ध कराएगा ।

 

प्रत्येक प्रस्ताव के प्रथम पृष्ठ पर एक विषय सूची दी जाएगी जिसमें उपर्युक्त सभी दस्तावेज और उनकी पृष्ठ संख्या दी जाएगी । समस्त दस्तावेज/शपथ-पत्र प्रस्तावों के साथ प्रस्तुत किए जाएंगे । इन दस्तावेजों को प्रस्तुत करने के लिए अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा । प्रसार भारती द्वारा मांगे जाने पर सत्यापन के लिए मूल दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएंगे ।

 

घ. प्रक्रिया शुल्क

 

      कार्यक्रम के प्रत्येक प्रस्ताव के साथ 5,000/- रुपए (केवल पांच हजार रुपए) का अप्रतिदेय प्रक्रिया शुल्क संलग्न किया जाएगा । प्रक्रिया शुल्क पीबीबीसीआई, दूरदर्शन महानिदेशालय, नई दिल्ली को देय रेखांकित बैंक ड्राफ्ट के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा ।

 

ङ. मूल्यांकन

 

        i.   प्राप्त हुए प्रत्येक प्रस्ताव का प्रारंभिक मूल्यांकन इस प्रयोजन के लिए गठित उपयुक्तता समिति द्वारा चैनल की आवश्यकता की दृष्टि से इसकी उपयुक्तता के लिए प्रस्तुत किए गए समस्त दस्तावेजों के आधार पर किया जाएगा । लघु सूचीबद्ध प्रस्तावों में से, जिनके बारे में 13 अथवा अधिक कड़ियों के धारावाहिकों के लिए विचार किया जा रहा है, उनसे इस प्रकार निर्धारित निच फार्मेटों के मामले को छोड़कर अपनी लागत और जोखिम पर एक पायलट निर्मित करने के लिए कहा जाएगा । लघु सूचीबद्ध प्रस्तावों को मूल्यांकन समिति के पास भेज दिया जाएगा ।

 

        ii.   मूल्यांकन समिति में उप निदेशक और उससे ऊपर के स्तर के (केंद्रों में कार्यक्रम निष्पादक और उससे ऊपर के­) 4 (चार) से अधिक सरकारी सदस्य नहीं होंगे । इस समिति में, सरकारी सदस्यों के अलावा, तीन (3) बाह्य विशेषज्ञ हो सकते हैं । बाह्य विशेषज्ञ फिल्म/टीवी निर्माण, अभिनय कला, प्रसारण, पत्रकारिता, साहित्य, प्रबंधन, सामाजिक विज्ञान आदि के क्षेत्रों से होंगे । बाह्य विशेषज्ञों का यह पैनल चैनल प्रबंधक/केंद्र निदेशक द्वारा तैयार किया जाएगा और उसपर महानिदेशक/क्षेत्रीय उप महानिदेशक का अनुमोदन प्राप्त किया जाएगा।

 

       iii.   प्रसार भारती, आवेदक/निर्माता से उसके द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रम के प्रस्ताव के संबंध में प्रेजेंटेशन देने का अनुरोध कर सकता है । ऐसी स्थिति में, आवेदक/निर्माता को सर्जनात्मक दल के उतने अपेक्षित सदस्यों के साथ, जितने के लिए सूचित किया गया हो, स्वयं मूल्यांकन समिति के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा और प्रेजेंटेशन (कार्यक्रम पायलट के साथ जहां अपेक्षित हो) देना होगा । आवेदक/निर्माता के अलावा किसी अन्य व्यक्ति द्वारा प्रेजेंटेशन देने की अनुमित नहीं दी जाएगी ।

 

       iv.   समिति प्रस्तावों का मूल्यांकन मुख्य रूप से पायलट कार्यक्रम (जहां लागू हो), प्रस्तुतिकरण और कार्यक्रम के बारे में प्रस्तुत सूचना के आधार पर करेगी । कड़ियों की संख्या समिति द्वारा तय की जाएगी ।

 

च. लागत निर्धारण

 

निर्धारित बजट के कार्यक्रमों के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी की अध्यक्षता वाली अधिकार प्राप्त समिति स्वयं लागत निर्धारण समिति होगी तथा आवेदक द्वारा प्रस्तुत बजट की जांच करेगी और पूर्व-निर्धारित लागत पैरामीटरों को ध्यान में रखते हुए प्रति कड़ी दी जाने वाली लागत निर्धारित करेगी ।

 

छ. अनुमोदन

 

        i.   मूल्याकंन समिति की सिफारिशें (नियत बजट पद्धति के मामले में) अनुमोदन के लिए क्षेत्रीय उप महानिदेशक के समक्ष प्रस्तुत की जाएंगी ।

 

        ii.   ऐसे अनुमोदन के संबंध में निर्णय महानिदेशक दूरदर्शन/क्षेत्रीय उप महानिदेशक द्वारा लिया जाएगा । प्रस्ताव को अस्वीकृत करने के बारे में आवेदक को निर्णय लेने के तीस दिन के अंदर सूचना भेज दी जाएगी ।

 

ज. करार

 

      कार्यक्रम अनुमोदित हो जाने के बाद दूरदर्शन महानिदेशालय आवेदक के साथ एक करार निष्पादित करेगा । करार में अन्य बातों के साथ-साथ कार्यक्रम का निर्माण करने और उसे दूरदर्शन को प्रस्तुत करने की समयावधि का उल्लेख किया जाएगा (करार का नमूना संलग्न है) ।

 

झ. गुणता नियंत्रण

 

      यह सुनिश्चित करने के लिए कि पूरी निर्माण प्रक्रिया के दौरान उच्च स्तर की गुणता बनाए रखी जाती है,प्रसार भारती एक निर्माण सहयोगी सम्मिलित कर सकता है जो अनुमोदित कार्यक्रम की कड़ियों के निर्माण में अपना सहयोग प्रदान करेगा ।

 

      भुगतान जारी करने की प्रत्येक अवस्था तथा रफ-कट एवं निर्माण की अंतिम अवस्था पर गुणता नियंत्रण सुनिश्चित किया जाएगा । इस प्रयोजन के लिए गठित पूर्वावलोकन समिति भुगतान जारी करने से पहले अपेक्षित प्रमाण पत्र देगी । जब कभी आवश्यक होगा,प्रसार भारती द्वारा नामित निर्माण सहयोगी किसी भी निर्माण कार्य का निर्माण स्थल पर ही मूल्यांकन कर सकता है ताकि गुणता का समुचित मानक स्तर तथा निर्माता द्वारा प्रस्तुत योजना का अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके ।

 

ञ. निर्माण

 

i.   कार्यक्रम महानिदेशक, दूरदर्शन द्वारा (क्षेत्रीय स्तर पर क्षेत्रीय केंद्र के निदेशक द्वारा) समय-समय पर अनुमोदित एवं अधिसूचित तकनीकी फार्मेटों और तकनीकी मामलों के अनुरूप होगा ।

ii.   निर्माता कार्यक्रम का निर्माण करेगा और हर दृष्टि से पूरी तरह तैयार कड़ियों की आपूर्ति करेगा । कार्यक्रम की समस्त कड़ियों की आपूर्ति करार में निर्धारित समय-सीमा के अंदर की जाएगी । निर्माता कार्यक्रम के प्रोमो (वीडियो, ऑडियो और प्रिंट), प्रचार सामग्री उपलब्ध कराएगा ।

 

iii.   यदि कार्यक्रम की आपूर्ति में विलंब होने की संभावना हो तो निर्माता प्रसार भारती से समय बढ़ाने के लिए अनुरोध करेगा । प्रसार भारती अपने विवेकानुसार जितना उचित समझे उतना समय बढ़ाने की मंजूरी दे सकता है अथवा अनुरोध को अस्वीकार कर सकता है । यदि समय बढ़ाने की मंजूरी प्रदान की जाती है तो बढ़ाए गए समय की अवधि के बारे में निर्णय महानिदेशक, दूरदर्शन/क्षेत्रीय स्तर पर केंद्र के निदेशक द्वारा लिया जाएगा ।

 

iv.   मंजूर किए गए उपर्युक्त मूल समय/बढ़ाई गई अवधि के बाद विलम्ब होने पर निर्माता को भुगतान की गई राशि पर विलम्ब की अवधि के लिए 18% प्रतिवर्ष की दर से ब्याज लगाया जाएगा ।

 

v.   निर्माता द्वारा प्रस्तुत की गई पटकथाओं और टेपों (रफ-कट, अंतिम टेप) का पूर्वावलोकन समिति द्वारा पूर्वावलोकन किया जाएगा जिसमें एक तकनीकी सदस्य सहित 3 से अधिक सरकारी सदस्य नहीं होंगे और दो बाह्य विशेषज्ञ शामिल होंगे ।

 

vi.   यदि पूर्वावलोकन समिति कार्यक्रमों में संशोधन करने का सुझाव देती है तो निर्माता उन्हें अपनी लागत पर कम से कम संभावित समय के अंदर संशोधित करेगा ।

 

vii.   सभी कार्यक्रम/कड़ियां प्रसार भारती के प्रसारण कोड के अनुरूप होंगी ।

 

viii.   कार्यक्रम/अंतिम कड़ी पूरी हो जाने के बाद निम्नलिखित वस्तुएं दूरदर्शन की संपत्ति हो जाएंगी तथा कार्यक्रम का अंतिम रूप से भुगतान किए जाने से पूर्व उन्हें दूरदर्शन को हस्तांतरित तथा/अथवा सौंप दिया जाएगा:-

 

(क)   कार्यक्रम की समस्त पटकथाएं और रूपांतरण ।

 

(ख)   कार्यक्रम/कड़ियों से संबंधित सभी मास्टर टेपें, शूटिंग टेपें और उनके साथ-साथ संपादित नहीं की गई सामग्री, पूर्वावलोकन कैसटें, प्रचार सामग्री, फोटोग्राफ, प्रोमो सामग्री और गानों की रिकार्डिंग, यदि कोई हों ।

 

ix.   निर्माण प्रक्रिया के दौरान उच्चतम तकनीकी मानक बनाए रखे जाएंगे ताकि डिलीवर किया गया कार्यक्रम अपेक्षित स्तर का हो । निर्धारित की गई तकनीकी विनिर्दिष्टियों को निर्माण की समस्त प्रक्रिया अर्थात निर्माण, निर्माणोपरांत और डिलीवरी के दौरान बनाए रखा जाएगा ताकि फार्मेट की संगतता और अभिलेखीय मानक बनाए रखना सुनिश्चित हो सके ।

 

x.   ग्राफिक्स, कैप्शंस और एक्शन सुरक्षित क्षेत्रों के अंदर होंगे ।

 

xi.   निर्माण में प्रयुक्त टेपें उच्चतम व्यावसायिक गुणता की होंगी और हाल ही में विनिर्मित होनी चाहिएं । विनिर्दिष्ट फार्मेट का प्रथम उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा ।

 

xii.   प्रोग्राम लीडर के रूप में अनुक्रम में मास्टर टेप में 10 सेंकड ब्लैक, 30 सेंकड कलर बार डब्ल्यू/टी 1 किलोहर्ट्ज टोन, 10 सेंकड ब्लैक और उसके बाद 10 सेंकड कांउटडाउन होंगे ।

 

xiii.   प्रसार भारती तकनीकी गुणता के लिए सभी प्रसारण मास्टर टेपों की जांच करेगा तथा यदि प्रसार भारती द्वारा तकनीकी दृष्टि से टेपें अस्वीकृत कर दी जाती हैं तो निर्माता अपनी लागत पर यथासंभव कम से कम समय में प्रसार भारती द्वारा यथावांछित संशोधन करेगा । आवश्यक संशोधनों के बाद प्रस्तुत की गई प्रसारण मास्टर टेपों की तकनीकी गुणता की दृष्टि से पुन जांच की जाएगी तथा यदि दूसरी बार अथवा परवर्ती जांच के बाद टेपें तकनीकी गुणता में सफल नहीं हो पाती हैं तो निर्माता को प्रत्येक बार अस्वीकृति के लिए प्रत्येक अस्वीकृत कड़ी की कीमत के एक प्रतिशत के बराबर दंड का भुगतान करना होगा ।

 

ट. भुगतान

 

   कार्यक्रम के लिए निम्नानुसार भुगतान किया जाएगा:

 

क्रम सं.

भुगतान कब किया जाएगा

भुगतान की जाने वाली राशि

1.   

करार निष्पादित हो जाने और स्क्रिप्ट अनुमोदित हो जाने पर

बजट की कुल राशि का 50%

2.   

सभी कड़ियों के रफ-कट अनुमोदित हो जाने पर

बजट की कुल राशि का 30%

3.   

अंतिम रूप से कार्यक्रम अनुमोदित हो जाने पर (सभी कड़ियां)

बजट की कुल राशि का 20%

 

4.       प्रसार भारती द्वारा राशि का भुगतान 100% अटल बैंक गारंटी के विरुद्ध ही किया जाएगा । बैंक गारंटी संचयी राशियों की होगी । बैंक गारंटी की वैधता प्रसार भारती की पूर्ण संतुष्टि के अनुसार पूरा कार्यक्रम प्रस्तुत करने के लिए करार में विनिर्दिष्ट अवधि के छह महीने बाद तक होगी । यदि कार्यक्रम संतोषजनक रूप से पूरा हो जाता है तो कार्यक्रम तथा अन्य अपेक्षित सामग्री प्रस्तुत करने के एक माह के अंदर बैंक गारंटी रिलीज कर दी जाएगी ।

 

5.       यदि निर्माता सहमत समय-सीमा के अंदर, बढ़ाए गए समय के अंदर या उसके बिना कार्यक्रम प्रस्तुत करने में असफल रहता है तो प्रसार भारती अपने विवेकानुसार तथा कोई अन्य कार्रवाई करने के अलावा, निर्माता को नोटिस दिए बिना बैंक गारंटी को भुना सकता है ।

 

6.       जहां कहीं दंड लगाया जाएगा, उसकी राशि और ब्याज निर्माता को देय कड़ी के मूल्य में से काट लिया जाएगा ।

 

ठ. अधिकार

 

i.   इस योजना के तहत प्रसार भारती द्वारा कमीशंड और निर्माता द्वारा निर्मित कार्यक्रम के समस्त कापीराइट, चाहे वह विहित, आकस्मिक या भावी हों, जिसमें प्रसारण अधिकार तथा नए मीडिया अधिकार, यदि कोई हों, भी शामिल हैं, स्थायी रूप से प्रसार भारती के पास रहेंगे । निर्माता कार्यक्रम के संबंध में सभी दावों, मांगों, कार्रवाइयों, लागतों आदि के विरुद्ध प्रसार भारती की क्षतिपूर्ति करेगा ।

 

ii.   उक्त अधिकारों में, अन्य के साथ-साथ निम्नलिखित भी शामिल होंगे:-

 

(क)   सभी प्रकार के टेलीविजन प्रसारण के लिए जिसमें प्रसारण/रिसेप्शन के लिए अब ज्ञात और भविष्य में पता लगाए जाने वाले किसी माध्यम, रीति तथा/अथवा प्रौद्योगिकी के जरिए उपग्रह, स्थलीय, फ्री-टू-एयर, पे-टेलीविजन, डीटीएच, आईपीटीवी, डीवीबी (एच) आदि सम्मिलित हैं, मास्टर टेप/नेगेटिव/ रशेज अधिकार ।

 

(ख)   वीडियो, केबल, रेडियो, वेबसाइट, इंटरनेट, ऑडियो, प्रकाशन, मर्चेडाइजिंग और समग्र रूप से पूरे भाषा अधिकारों के साथ फीचर फिल्म, सीडी, डीवीडी फार्मेटों में रूपांतरण के लिए एक्सक्लूसिव सार्वभौम अधिकार ।

 

(ग)    प्रसार भारती अपने चैनलों पर और/अथवा अन्य चैनलों पर बहुविध (मल्टिपल) प्रसारणों के लिए स्थायी तौर पर सार्वभौम रूप से कार्यक्रम का एकमात्र स्वामी होगा ।

 

(घ)    प्रसार भारती को कार्यक्रम का पूरे विश्व में किसी भी और समस्त प्रकार से तथा किसी भी या समस्त माध्यमों में उपयोग करने का अधिकार होगा तथा कार्यक्रम को संपादित करने, काटने, अनुवाद करने, डब करने, पैकेज अथवा परिवर्तित करने तथा अपने विवेकानुसार किसी अन्य सामग्री के साथ जोड़ने का अधिकार होगा । प्रसार भारती को कार्यक्रम में विज्ञापन जोड़ने का अधिकार होगा ।

 

(ङ)    कार्यक्रम का उपयोग करने के दौरान विज्ञापनों के जरिए या किसी अन्य प्रकार से प्रसार भारती द्वारा अर्जित राजस्व पर निर्माता का कोई अधिकार नहीं होगा ।

 

(च)   जिस साहित्यिक सामग्री/स्क्रीनप्ले पर कार्यक्रम आधारित है उसके अधिकार, जिसमें निर्माता के सभी अधिकार, हक एवं हित शामिल हैं, कार्यक्रम/कड़ी की डिलीवरी देते समय स्वत: ही प्रसार भारती को अंतरित हो जाएंगे ।

 

(छ)   यदि कमीशंड कार्यक्रम को कोई राष्ट्रीय या अंतर्राष्टीय पुरस्कार प्राप्त होता है तो पुरस्कार की राशि निर्माता और प्रसार भारती के बीच 50:50 के आधार पर बांटी जाएगी । कार्यक्रम में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए ऐसा किया जाएगा ।

 

ड. अपील

 

    i.     जिस आवेदक का कार्यक्रम सौंपने का प्रस्ताव अस्वीकृत कर दिया गया है, यदि वह चाहे तो वह जिस आधार पर प्रस्ताव पर पुन: विचार किया जाना है, उसका उल्लेख करते हुए अपने प्रस्ताव पर पुन: विचार करने हेतु महानिदेशक, दूरदर्शन/क्षेत्रीय उप महानिदेशक को लिखित रूप में आवेदन कर सकता है ।

 

   ii.     आवेदक द्वारा इस आशय का आवेदन प्रस्ताव को अस्वीकार किए जाने की सूचना देने वाले पत्र के जारी होने की तारीख के एक माह के अंदर दिया जाएगा ।

 

  iii.     प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने के आवेदन के साथ पीबीबीसीआई, दूरदर्शन महानिदेशालय, नई दिल्ली के पक्ष में देय रेखांकित बैंक ड्राफ्ट के रूप में कार्यक्रम प्रस्ताव के प्रक्रिया शुल्क के बराबर अप्रतिदेय शुल्क संलग्न करना होगा ।

 

  iv.      पुनर्विचार हेतु आवेदन पत्र पुनर्विचार समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा । पुनर्विचार समिति के सदस्य उस मूल समिति के सदस्यों से भिन्न होंगे जिसने प्रस्ताव का मूल्यांकन किया था । पुनर्विचार समिति अपनी सिफारिशें मामले में अंतिम निर्णय के लिए महानिदेशक को भेजेगी ।

 

   v.     पुनर्विचार के संबंध में लिया गया निर्णय उक्त निर्णय लेने के 30 दिन के अंदर निर्माता को सूचित कर दिया जाएगा ।

 

ढ. सामान्य

 

    i.     पुनर्विचार समिति के अलावा सभी समितियां महानिदेशक, दूरदर्शन/क्षेत्रीय उप महानिदेशक/केंद्र निदेशक द्वारा नियुक्त की जाएंगी । पुनर्विचार समिति की नियुक्ति मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा की जाएगी । समितियों का न्यूनतम कोरम नियुक्ति प्राधिकारी द्वारा परिभाषित किया जाएगा ।

 

   ii.     विभिन्न समितियों में सदस्य के रूप में शामिल बाहरी सदस्य को यह वचनबंध देना होगा कि न तो स्वयं और न ही उसका कोई सगा/निकट संबंधी आवेदक है तथा वह विचाराधीन प्रस्ताव के साथ किसी भी प्रकार से संबंधित नहीं है ।

 

  iii.     प्रसार भारती द्वारा आरंभ किए गए कमीशंड कार्यक्रम के विरूद्ध शिकायत दर्ज कराने वाले निर्माताओं को यदि उनकी शिकायत असत्य या शरारतपूर्ण पाई जाती है तो दो वर्ष की अवधि के लिए कमीशंड कार्यक्रम के लिए अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा ।

 

  iv.     जिन निर्माताओं को आपराधिक मामलों में आरोपपत्र दिया गया है तथा जिन्हें प्रसार भारती द्वारा काली सूची में डाल दिया गया है, वे आवेदन करने के पात्र नहीं होंगे ।

 

   v.     समानता और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत को ध्यान में रखते हुए एक ही परिवार, निर्माणगृह/निर्माता के सदस्यों से सामान्यत: एक से अधिक प्रस्तावों पर विचार नहीं किया जाएगा ।

 

  vi.     इन दिशा-निर्देशों के अंतर्गत किसी भी सरकारी कर्मचारी को निर्माता के रूप में आवेदन करने की अनुमति नहीं दी जाएगी । प्रसार भारती (दूरदर्शन/आकाशवाणी सहित) के अधिकारियों के परिवार के निकट संबंधियों पर निर्माता के रूप में आवेदन करने पर प्रतिबंध है ।

 

 vii.     भारत में प्रचलित किसी प्राइवेट टीवी चैनल के किसी नियमित कर्मचारी को प्रसार भारती के लिए कोई कार्यक्रम निर्मित करने की अनुमति नहीं है ।

 

viii.     जो आवेदक/निर्माता प्रसार भारती का चूककर्त्ता है/जिसकी ओर कोई राशि बकाया है उसको कोई कार्यक्रम सौंपे जाने से पूर्व उसे देय राशियों के भुगतान की योजना को अनुमोदित कराना होगा ।

 

  ix.     इन दिशा-निर्देशों में किसी बात के होते हुए, दूरदर्शन मुख्य कार्यकारी अधिकारी की अध्यक्षतावाली अधिकार-प्राप्त समिति के पूर्व अनुमोदन से इन दिशा-निर्देशों में छूट देते हुए,इस योजना के तहत टेलीविजन कार्यक्रम के प्रसारण के लिए कोई भी प्रस्ताव स्वीकार कर सकता है । तथापि, ऐसे सभी प्रस्तावों का कुल बजट किसी वित्तीय वर्ष के दौरान कमीशंड बजट के 2 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा ।

 

   x.     खंड ढ़ के खंड ix के अनुसरण में लिए गए सभी निर्णय अभिपुष्टि के लिए प्रसार भारती बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे ।

 

ण. सीधे सौंपना

 

      इन दिशा-निर्देशों में किसी बात के होते हुए भी प्रसार भारती प्रतिष्ठित निर्माताओं/निर्देशकों/निर्माण गृहों से उन क्षेत्रों में ऐसे विषयों पर और ऐसी शर्तों पर जा वह उचित समझे, सीधे ही कार्यक्रम कमीशन कर सकता है जिन क्षेत्रों में इन प्रतिष्ठित निर्माताओं/निर्देशकों/ निर्माण गृहों का प्रामाणिक रिकार्ड रहा हो । सीधे सौंपने को कार्य मुख्य कार्यकारी अधिकारी की अध्यक्षता वाली एक समिति द्वारा किया जाएगा । समिति में महानिदेशक, दूरदर्शन, एक कार्यक्रम उप महानिदेशक, मीडिया/टीवी/कला/फिल्म/साहित्य/प्रबंधन/ समाज विज्ञान का एक विशेषज्ञ शामिल होगा जो मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा विशेषज्ञों के एक पैनल में से नामित किया जाएगा । पैनल एक वर्ष के लिए वैध हागा । तत्पश्चात सीधे सौंपने के ऐसे सभी मामले अभिपुष्टि के लिए बोर्ड के समक्ष रखे जांएगे ।

 

इन दिशा-निर्देशों में मोटे तौर पर कमीशनिंग की नीति और कार्यविधि दी गई है । कमीशनिंग की विशिष्ट आवश्यकताओं का सही-सही ब्यौरा जब भी विज्ञापन जारी किया जाएगा उसमें दिया जाएगा।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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