सं. 1/7/2001-पी-I
प्रसार भारती
(भारतीय प्रसारण निगम)
दूरदर्शन महानिदेशालय
(1/7/2004 को अथवा उसके बाद प्रसारण के लिए अनुसूचित और स्लॉटेड कार्यक्रमों के लिए लागू)
विषय: "दूरदर्शन प्रायोजकता योजना" के अंतर्गत टेलीविजन कार्यक्रमों के प्रसारण के लिए बाह्य निर्माताओं से प्राप्त प्रस्तावों पर विचार करने, कार्रवाई करने तथा उन्हें अनुमोदित करने के संबंध में दिशा-निर्देश ।
उपर्युक्त विषय पर सभी पूर्ववर्ती अनुदेशों/दिशा-निर्देशों का अधिक्रमण एवं संशोधन किया जाता है तथा ये आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे ।
1. उद्देश्य
(i) दूरदर्शन अपने काफी अधिक मनोरंजन कार्यक्रम प्रायोजकता के जरिए बाह्य निर्माताओं से प्राप्त कर रहा है । ये कार्यक्रम विषय-वस्तु एवं शैली की दृष्टि से प्रसारण संहिता के अनुरूप निर्माताओं द्वारा स्वतंत्र रूप से निर्मित किए जाते हैं । इस प्रक्रिया में ऐसे कार्यक्रमों के निर्माता, जिन्हें प्रसारण के लिए चयन एवं अनुसूचित किया जाता है, दूरदर्शन को एक सुनिश्चित फीस का भुगतान करेंगे तथा इसके बदले में वे एक सुनिश्चित विज्ञापन समय पाने के हकदार होंगे । इस विज्ञापन समय (एफसीटी) का उपयोग दूरदर्शन की विज्ञापन संहिता और दिशा-निर्देशों के अनुसार किसी संगठन की वस्तुओं या सेवाओं या ब्रांड इमेज को बढ़ावा देने के लिए उनके (निर्माताओं) द्वारा यथा निर्धारित दरों पर विपणन हेतु किया जा सकता है।
(ii) दूरदर्शन के सभी चैनल विभिन्न श्रेणियों और विषयों जैसे कि बाल, युवा, महिला, सामयिक विषय, खेल-कूद, प्रहसन, विज्ञान, वैज्ञानिक कहानियाँ, पारिवारिक नाटक, सस्पेंस धारावाहिक, पौराणिक धारावाहिक, काउंट डाउन कार्यक्रमों सहित फिल्म आधारित कार्यक्रम, चैट शो, गेम शो, क्विज कार्यक्रम, संगीत संबंधी कार्यक्रम, विभिन्न आयोजनों के सीधे प्रसारण, रीयल्टी शो और अन्य मनोरंजन/सूचना एवं मनोरंजन कार्यक्रमों के लिए प्रायोजित कार्यक्रमों की अपनी आवश्यकताओं का वार्षिक आधार पर आकलन करेंगे ।
2. प्रस्ताव
(i) दूरदर्शन जब भी आवश्यकता होगी तब एक निश्चित समयावधि के लिए अपनी कार्यक्रम संबंधी आवश्यकताओं के अनुसार ऐसे विषयों और ऐसी प्रकृति के कार्यक्रमों के प्रस्ताव बाह्य निर्माताओं से आमंत्रित करेगा जिनकी आवश्यकता समझी जायेगी । ये कार्यक्रम प्रत्येक अवसर पर ऐसे अंतराल के बाद अपने नेटवर्क पर समुचित उद्घोषणा करके आमंत्रित किए जाएंगे जैसा कि समयानुसार उचित समझा जाएगा । इसके अतिरिक्त, समाचारपत्रों में भी विज्ञापन दिए जाएंगे तथा विज्ञापनों की प्रतियां दूरदर्शन केन्द्रों के नोटिस बोर्डों पर प्रदर्शित की जाएंगी । ये विज्ञापन दूरदर्शन की वेबसाइट पर भी डाले जाएंगे ।
(ii) दूरदर्शन प्राप्त प्रस्तावों का क्रमानुसार रिकार्ड रखेगा । आवेदक को कार्यक्रमों की पावती जारी की जाएगी । प्रत्येक शैली में दूरदर्शन की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए परिपूर्ण प्रस्ताव प्राप्त होने की तारीख से तेरह सप्ताह की अवधि के भीतर सभी प्रस्तावों पर कार्रवाई कर ली जायेगी । सभी प्रस्तावों को दूरदर्शन भवन में आन-लाइन कंप्यूटरीकृत रिसेप्शन सेंटर के जरिए भेजा जाएगा ।
(iii) इस योजना के अंतर्गत प्राप्त प्रस्ताव में निम्नलिखित अनिवार्य रूप से शामिल होने चाहिएं:-
क) धारावाहिक के कथानक की विस्तृत रूप-रेखा, कड़ियों में कथानक का ब्रेक-अप तथा निरूपण की मोटे तौर पर रूपरेखा ।
ख) प्रत्येक कड़ी का कथासार
ग) कम से कम चार कड़ियों के लिए विस्तृत दृश्य विधान की पटकथा
घ) निर्देशक, पटकथा लेखक, फोटोग्राफी निर्देशक, संगीत निर्देशक के नाम, बायोडाटा और पते सहित पूरा विवरण और साथ ही इनमें से प्रत्येक से इस बात की लिखित रूप में पुष्टि कि वे कार्यक्रम के निर्माण में कार्य करने के लिए सहमत हैं । आवेदक/निर्माता भी आवेदन पत्र प्रस्तुत करते समय अपना पूरा बायोडाटा पेश करेगा । सूचित किए गए कार्यक्रम निर्माण दल में दूरदर्शन की पूर्व अनुमति के बिना कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा ।
ङ) फाइल की गई नवीनतम आयकर रिटर्न; बिक्री कर/सर्विस टैक्स की पंजीकरण संख्या; तथा भागीदारी फर्मों के मामले में भागीदारी करार और लिमिटेड कंपनियों के मामले में संस्था अंतर्नियम के ज्ञापन की फोटोप्रति ।
च) निर्माता प्रस्ताव के साथ धारावाहिक कार्यक्रम की एक पायलट कड़ी भी प्रस्तुत करेगा । यह पायलट कड़ी निर्माता द्वारा अपने जोखिम एवं खर्चे पर बनवाई जाएगी । यदि पायलट अस्वीकृत हो जाता है अथवा पूर्वावलोकन करने में विलम्ब हो जाता है तो दूरदर्शन किसी भी प्रकार से निर्माता की वित्तीय हानि के लिए उत्तरदायी नहीं होगा । तथापि, गेम शो और संगीत संबंधी कार्यक्रमों के मामले में, जिनमें महंगे सेट की आवश्यकता होती है, निर्माता प्रस्ताव के साथ सेट का डिजाइन प्रस्तुत कर सकता है । निर्माता द्वारा कार्यक्रम का निर्माण शुरू करने से पूर्व सेट के डिजाइन को भी दूरदर्शन से अनुमोदित कराना होगा ।
छ) निर्माता अनिवार्य रूप से यह वचन देगा कि यदि दूरदर्शन द्वारा कार्यक्रम को विज्ञापनों सहित या विज्ञापनों के बिना डीटीएच पर ले जाया जाता है तो उसे कोई आपत्ति नहीं होगी ।
(iv) यदि प्रस्तावित कार्यक्रम किसी उपन्यास, लघु कथा अथवा किसी अन्य प्रकाशित कृति पर आधारित हो तो निर्माता अपने प्रस्ताव के साथ दूरदर्शन को उक्त उपन्यास, लघु कथा अथवा किसी अन्य प्रकाशित कृति के लेखक/ कापीराइट धारक से, जैसी भी स्थिति हो, इस बात की लिखित पुष्टि प्रस्तुत करेगा कि उसने उक्त कृति का कापीराइट दूरदर्शन पर इसके प्रसारण के प्रयोजन हेतु आवेदक को सौंप दिया है तथा उसने आवेदक के अलावा किसी अन्य व्यक्ति को इसी प्रयोजन के लिए कापीराइट नहीं दिया है । इस संबंध में भारतीय कापीराइट अधिनियम 1957 के प्रावधान लागू होंगे । आवेदक को कापीराइट के किसी भी उल्लंधन के लिए, चाहे वह आरंभिक चरण पर हो, दूरदर्शन की क्षतिपूर्ति करनी होगी ।
(v) डीडी-1 और डीडी-न्यूज के लिए प्रस्ताव के साथ क्रमश: 25,000/- रुपए और 10,000/- रुपए का अप्रतिदेय प्रक्रिया शुल्क संलग्न किया जाएगा जो 'पीबीबीसीआई' दूरदर्शन महानिदेशालय, नई दिल्ली के पक्ष में देय रेखांकित बैंक ड्राफ्ट द्वारा दिया जायेगा । प्रस्ताव अंतत: स्वीकार हो अथवा अस्वीकार, यह राशि वापस नहीं लौटाई जाएगी । राष्ट्रीय उपग्रह चैनलों (स्थलीय सहायता के बिना) अर्थात् डीडी-स्पोर्ट्स, डीडी भारती, डीडी-इंडिया के लिए प्रस्तावों के मामले में देय प्रक्रिया शुल्क केवल 5,000/- रुपए होगा ।
(क) परन्तु शर्त यह है कि यदि टीवी कार्यक्रम एकल कड़ी का हो तो प्रसारित किया जाने वाला अंतिम कार्यक्रम निर्माता द्वारा दूरदर्शन के पूर्वावलोकन एवं अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जाएगा ।
(ख) इन कार्यक्रमों का मूल्यांकन राष्ट्रीय कार्यक्रमों के लिए महानिदेशालय में और स्थानीय कार्यक्रमों के लिए केन्द्र में एक आन्तरिक मूल्यांकन समिति द्वारा किया जाएगा।
vi) सरकारी विभागों/उपक्रमों (केन्द्रीय और राज्य दोनों के) से प्राप्त प्रस्तावों के संबंध में कोई प्रक्रिया शुल्क देय नहीं होगा ।
आवेदन पत्र को तभी पूर्ण माना जाएगा जब वह पूर्णतया खंड-2(iii) में उल्लिखित ढंग से प्रस्तुत किया गया हो । ऐसा न होने की स्थिति में इसे तत्काल अस्वीकृत और वापस कर दिया जायेगा । एक बार प्रस्ताव अस्वीकार और वापस कर दिए जाने के बाद दूरदर्शन किसी भी प्रकार का कोई पत्राचार नहीं करेगा ।
3. मूल्यांकन और चयन
(i) प्राप्त प्रस्तावों पर निम्नलिखित दो चरणों में कार्रवाई की जाएगी:-
(अ) मूल्यांकन समिति और (ब) चयन समिति द्वारा
(अ) मूल्यांकन समिति में निम्नलिखित अधिकारी शामिल होंगे:-
निदेशक (कार्यक्रम) (नेशनल चैनल),
निदेशक (कार्यक्रम) (प्रायोजित कार्यक्रम)
निदेशक (कार्यक्रम) (डीडी-इंडिया)
निदेशक (कार्यक्रम) (डीडी-स्पोर्ट्स)
निदेशक (कार्यक्रम) (डीडी-न्यूज)
निदेशक (कार्यक्रम) (डीडी भारती)
निदेशक (कार्यक्रम) (विक्रय/विपणन)
निदेशक (कार्यक्रम) (डीडी-कशीर)
निदेशक (अभियांत्रिकी) (समन्वय)
(क) राष्ट्रीय और राज्य पुरस्कार विजेता निर्देशकों/निर्माताओं को अधिमान देते हुए मूल्यांकन समिति प्रस्तावों पर विचार करेगी । उन निर्देशकों/निर्माताओं को भी अधिमान दिया जाएगा जिनका सफल एवं लोकप्रिय कार्यक्रमों के निर्माण का ट्रैक रिकार्ड रहा है, जिसके लिए बैंचमार्क किसी भी चैनल पर विगत तीन वर्षों के दौरान कार्यक्रमों के प्रसारण की औसत टीआरपी होगी।
(ख) उस संबंधित चैनल का कार्यक्रम निदेशक इस समिति का संयोजक होगा जिस चैनल पर कार्यक्रम प्रसारित किया जाना है । मूल्यांकन समिति विस्तारपूर्वक प्रस्ताव की जाँच करेगी, पायलट का पूर्वावलोकन करेगी और धारावाहिक की विषय-वस्तु, कार्यक्रम निर्माण दल की क्षमता, निर्माण की दृष्टि से पायलट के मूल्य, प्रसारण के लिए धारावाहिक की उपयुक्तता, तकनीकी गुणता, मार्केএट की संभावना आदि के बारे में अपनी सिफारिश देगी । बैठक के लिए कोरम में निम्नलिखित शामिल होंगे:-
संबंधित चैनल का कार्यक्रम निदेशक
किसी अन्य चैनल का कार्यक्रम निदेशक
निदेशक, विक्रय/विपणन
निदेशक (अभियांत्रिकी)
(ग) यदि मूल्यांकन समिति यह महसूस करे कि किसी प्रस्ताव पर विशेषज्ञ की राय ली जानी जरूरी है तो चयन समिति को ऐसी सिफारिश की जा सकती है जो ऐसे क्षेत्र (अर्थात् विज्ञान, इतिहास, संगीत, कला आदि) के विशेषज्ञों को सहयोजित कर सकती है।
(ब) चयन समिति में निम्नलिखित अधिकारी शामिल होंगे:-
अपर/उप महानिदेशक (नेशनल चैनल-डीडी-1)
अपर/उप महानिदेशक (डीडी-इंडिया)
अपर/उप महानिदेशक (डीडी-स्पोर्ट्स)
अपर/उप महानिदेशक (डीडी-न्यूज)
अपर/उप महानिदेशक (विज्ञापन एवं विक्रय/विपणन)
संबंधित चैनल का कार्यक्रम निदेशक
तीन बाहरी विशेषज्ञ (इनमें से एक सदस्य महिला होगी और एक सदस्य विपणन विशेषज्ञ होगा)
(i) बाहरी विशेषज्ञों के पैनल में फिल्म/टेलीविजन कार्यक्रम निर्माण, नाट्य कला, प्रसारण, पत्रकारिता, साहित्य, इतिहास आदि क्षेत्रों के सुविख्यात व्यक्ति शामिल होंगे । उक्त विशेषज्ञों का पैनल मुख्य कार्यकारी अधिकारी, सदस्य (वित्त) तथा महानिदेशक दूरदर्शन को मिला कर बनी एक समिति द्वारा अनुमोदित किया जायेगा । संबंधित चैनल का अपर महानिदेशक/उप महानिदेशक चयन समिति का अध्यक्ष होगा । संबंधित चैनल का कार्यक्रम निदेशक बैठकों का संयोजक होगा । बैठक के लिए कोरम में निम्नलिखित अधिकारी शामिल होंगे:-
संबंधित चैनल का अपर/उप महानिदेशक
दो बाहरी विशेषज्ञ (इनमें से एक सदस्य महिला होगी)
किसी अन्य चैनल का उप महानिदेशक
उप महानिदेशक, विज्ञापन एवं विक्रय/विपणन
संबंधित चैनल का कार्यक्रम निदेशक
(ii) चयन समिति के निर्णय से निर्माता को लिखित रूप में सात कार्य दिवसों के अंदर पंजीकृत डाक द्वारा अवगत करा दिया जाएगा । प्रस्ताव की जांच करने की पूरी प्रक्रिया दूरदर्शन में हर प्रकार से पूर्ण प्रस्ताव प्राप्त होने की तारीख से 13 सप्ताह की अवधि के अंदर पूरी करने का प्रयास किया जाएगा ।
4. कड़ियों की संख्या
क. प्रस्ताव को अपना अनुमोदन देते समय चयन समिति धारावाहिक टेलीविजन कार्यक्रम के संबंध में स्पष्ट रूप से यह उल्लेख करेगी कि यह कार्यक्रम कितनी कड़ियों के लिए अनुमोदित किया गया है, साथ ही प्रत्येक कड़ी की अवधि कितनी है और इसका टाइम बैंड क्या है (प्राइम टाइम, मिड प्राइम टाइम, नॉन प्राइम टाइम) । साप्ताहिक धारावाहिकों के मामले में कड़ियों की संख्या 52 तथा सप्ताह में पांच दिन प्रसारित किए जाने वाले दैनिक धारावाहिकों के मामले में कड़ियों की संख्या सामान्यत: 260 से अधिक नहीं होगी । दूसरे शब्दों में, प्रस्ताव केवल 52 सप्ताह के लिए स्वीकार किए जाएंगे । 8 सप्ताह के बाद धारावाहिक की समग्र गुणता के साथ-साथ इसकी टीआरपी रेटिंग की भी पुनरीक्षा की जायेगी तथा यदि इसकी टीआरपी रेटिंग 6 से कम पाई जाती है तो 13 सप्ताह के बाद कार्यक्रम को हटा दिया जाएगा । जिन धारावाहिकों के मामले में कड़ियों की संख्या सामान्य संख्या से अधिक बढ़ाई जाती है, उनके मामले में भी निर्धारित सप्ताह की संख्या के बाद इसी प्रकार की पुनरीक्षा की जाएगी ।
ख. 52 कड़ियों के बाद कड़ियां बढ़ाने पर विचार केवल असाधारण परिस्थितियों में धारावाहिक की गुणता और लोकप्रियता को ध्यान में रखते हुए ही किया जाएगा । कड़ियां बढ़ाने के लिए निर्माता को 8 सप्ताह पहले दूरदर्शन को आवेदन करना होगा । महानिदेशक, दूरदर्शन द्वारा इस अनुरोध पर धारावाहिक की टीआरपी रेटिंग्स के अनुसार उसकी लोकप्रियता, निर्माता के भुगतान करने संबंधी व्यवहार और पंक्ति में लगे अगले प्रस्ताव की स्थिति को ध्यान में रखते हुए विचार किया जाएगा ।
5. अनुसूची बनाना
(i) दूरदर्शन टाइम बैंड की आवश्यकता, कार्यक्रम की शैली और गुणता के अनुसार लघु सूचीबद्ध कार्यक्रमों की अनुसूची/स्लॉट बनाएगा । चैनल की आवश्यकता और कार्यक्रम की वाणिज्यिक संभाव्यता को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक चैनल धारावाहिकों के लिए टाइम स्लॉट आबंटित करेगा ।
(ii) टाइम स्लॉट की सूचना के समय निर्माता को कार्यक्रम का प्रसारण आरंभ होने से पहले तीन सप्ताह की अवधि के दौरान प्रसारित की जाने वाली कड़ियों की टेप एक माह के अंदर प्रस्तुत करनी होंगी । ऐसा न करने पर दूरदर्शन धारावाहिक के अनुमोदन को रद्द कर सकता है अथवा टाइम स्लॉट में परिवर्तन कर सकता है । तथापि, समाचार एवं सामयिकी से संबंधित कार्यक्रमों पर यह शर्त लागू नहीं होगी ।
(iii) अतिरिक्त कड़ियों का पूर्वावलोकन करने के बाद तथा प्रत्येक दृष्टि से प्रसारण के लिए उनकी उपयुक्तता के बारे में संतुष्ट हो जाने पर दूरदर्शन निर्माता को चार सप्ताह का नोटिस देते हुए उसे कार्यक्रम का प्रसारण आरंभ होने की सही तारीख सूचित करेगा ताकि वह प्रयोजकता विपणन, कार्यक्रम का प्रोमोशन आदि सुनिश्चित कर सके । उपर्युक्त सूचना भेजते समय दूरदर्शन निर्माता से दूरदर्शन के विज्ञापन रेट कार्ड के अनुसार आठ सप्ताह के प्रसारण शुल्क के बराबर की राशि की कार्यनिष्पादन बैंक गारंटी प्रस्तुत करने का अनुरोध करेगा । बैंक गारंटी दूरदर्शन पर अंतिम कड़ी के प्रसारण की तारीख के बाद 6 महीने की अवधि तक वैध रहेगी । यदि निर्माता निर्धारित तारीख तक बैंक गारंटी प्रस्तुत नहीं करता है तो स्लॉट का आबंटन रद्द कर दिया जाएगा ।
(iv) यदि धारावाहिक का प्रसारण आरंभ करने के लिए समय बढ़ाने हेतु अनुरोध किया जाता है तो दो सप्ताह से अनधिक की सीमित अवधि के लिए ही लिखित रूप से प्राप्त अनुरोध पर विचार किया जा सकता है तथा इसके बाद निर्माता जितनी अवधि तक प्रसारण आरंभ कराने में असफल रहता है, जो अधिकतम 4 सप्ताह की हो सकती है, उतने सप्ताह/दिनों के लिए स्लॉट के प्रसारण शुल्क के 25 प्रतिशत के बराबर की राजस्व हानि के लिए दूरदर्शन की प्रतिपूर्ति करनी होगी । प्रतिपूर्ति की उपर्युक्त राशि का भुगतान प्रसारण आरंभ न होने से पहले करना होगा । दूरदर्शन को मुआवजे का भुगतान न करने अथवा 4 सप्ताह के बाद भी प्रसारण आरंभ करा पाने पर निर्माता का आबंटन पूर्णत: रद्द कर दिया जाएगा ।
(v) निर्माता/विपणन एजेंसी से संबंधित बिल बनाने का आधार दूरदर्शन द्वारा प्रदान किए गए "प्रसारण प्रमाण-पत्र" होने चाहिएं । जब तक भुगतान नहीं कर दिया जाता तब तक इस संबंध में कोई विवाद स्वीकार नहीं किया जाएगा । जो विवाद उठाए जाएंगे और जिन्हें दूरदर्शन द्वारा स्वीकार कर लिया जाएगा उन्हें परवर्ती भुगतानों में समायोजित किया जाएगा ।
(vi) इस खंड के उप खंड (ii) और (iii) के अनुसार कार्यक्रम के प्रसारण के लिए निर्धारित समय और तारीख की सूचना दिए जाने पर निर्माता दूरदर्शन को एक बंधपत्र प्रस्तुत करेगा जिसमें वह किसी विशिष्ट कार्यक्रम में उपयोग की गई कृति के कॉपी राइट तथा कॉपी राइट अधिनियम 1957 के अंतर्गत कवर होने वाले कॉपी राइट के संबंध में किसी भी दावे के प्रति दूरदर्शन की क्षतिपूर्ति करेगा ।
(vii) निर्माता यह सुनिश्चित करेगा कि वह धारावाहिक टीवी कार्यक्रम के मामले में किसी भी समय पर दूरदर्शन के पास साप्ताहिक धारावाहिक की कम से कम 4 कड़ियां तथा यदि शेष 4 कड़ियों से कम रह जाएं तो कड़ियों की शेष संख्या अवश्य जमा रखेगा ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि हाथ में कड़ियों की पर्याप्त संख्या उपलब्ध न होने के कारण प्रसारण कार्यक्रम में व्यवधान न आए । दैनिक धारावाहिक के मामले में निर्माता 20 कड़ियां जमा रखेगा ।
(viii) दूरदर्शन को किसी अनुमोदित टीवी कार्यक्रम की तारीख और समय को बदलने अथवा चार सप्ताह का नोटिस देकर बिना कोई कारण बताए अनुमोदन वापस लेने का अधिकार होगा। निर्माता भी चार सप्ताह का नोटिस देकर कार्यक्रम को वापस ले सकता है ।
(ix) क. निर्माता कार्यक्रम का निर्माण बीटा एसपी फार्मेट में करेगा और दूरदर्शन को बीटा एसपी फार्मेट में प्रसारण टेप के साथ-साथ 20-30 सेकंड के प्रोमो और कार्यक्रम की वीएचएस कापी भी प्रस्तुत करेगा।
ख. कार्यक्रम में सौंदर्यपरकता और निर्माण की तकनीकी गुणता दोनों की दृष्टि से उत्कृष्टता बनाए रखनी चाहिए । तकनीकी दृष्टि से यह वीडियो और क्रोमीनेंस स्तरों के लिए आईटीयूआर की विनिर्दिष्टियों के अनुरूप होनी चाहिए: टिपिकली अधिकतम ल्युमिनेंस वीडियो के 0.7 वोल्ट और सिंक पल्स के 0.3 वोल्ट के साथ 1 वोल्ट पीपी होनी चाहिए । अधिकतम क्रोमिनेंस सेंचुरेशन = 100% (कलर डिफरेंस सिगनल = 0.7 वोल्ट) । कार्यक्रम का ऑडियो स्तर -5 डीबी से +4 डीबी के बीच होना चाहिए ।
ग. जब कभी दूरदर्शन अपनी प्रसारण प्रणालियां शिफ्ट करेगा निर्माता को उन्नत तकनीकी फार्मेट अर्थात् डिगी बीटा आदि का अनुपालन भी करना होगा ।
(x) यदि आवेदन करने के एक वर्ष के अंदर किसी धारावाहिक को टाइम स्लॉट का आबंटन नहीं किया जाता है तो निर्माता कार्यक्रम को किसी अन्य चैनल पर ले जाने के लिए स्वतंत्र होगा ।
(xi) लघु सूचीबद्ध प्रस्तावों की वैधता निर्माता को सूचना का पत्र जारी होने की तारीख से दो वर्ष की अवधि के लिए होगी, जिसके बाद निर्माता को दूरदर्शन के किसी चैनल पर स्लॉट के लिए दावे का अधिकार नहीं होगा ।
(xii) कार्यक्रम अनुमोदित हो जाने और स्लॉट आबंटित कर दिए जाने के बाद निर्माता दूरदर्शन की लिखित सहमति के बिना बैनर परिवर्तित नहीं करेगा ।
6. नि:शुल्क विज्ञापन समय आदि
(i) किसी कार्यक्रम को या तो किसी उत्पाद का विनिर्माण करने वाली और/अथवा सेवा प्रदान करने वाली कंपनी के नाम पर अथवा प्रायोजित कंपनी द्वारा विनिर्मित उत्पादों के नाम पर प्रायोजित किया जा सकता है ।
(ii) निर्माता, प्रायोजित कार्यक्रम के प्रसारण के लिए दूरदर्शन को दूरदर्शन के विज्ञापन रेट कार्ड में समय-समय पर निर्धारित किए गए प्रसारण शुल्क का भुगतान करेगा । प्रसारण शुल्क का भुगतान करने की संयुक्त और व्यक्तिगत जिम्मेदारी निर्माता और उसके द्वारा मनोनीत विपणन एजेंसी की होगी ।
(iii) निर्माता दूरदर्शन द्वारा उसके विज्ञापन रेट कार्ड में समय-समय पर निर्धारित उस समय अवधि, जिसे नि:शुल्क विज्ञापन समय कहा जाएगा का उपयोग करने का हकदार होगा । निर्माता नि:शुल्क विज्ञापन समय का प्रयोग कार्यक्रम के पहले अथवा बाद में अथवा कार्यक्रम के बीच में कर सकता है । इसके अतिरिक्त वह कार्यक्रम के पहले और बाद में 10-10 सेकंड की क्रेडिट लाइन का भी पात्र होगा । क्रेडिट लाइन में केवल प्रायोजक/उत्पाद का नाम शामिल होगा जो लिखित रूप में और/अथवा बोल कर हो सकता है । तथापि, निर्माता को दूरदर्शन के विज्ञापन रेट कार्ड के अनुसार क्रेडिट लाइन में उसका लोगो, लैटरिंग स्टाइल, संगीत ध्वनि प्रभाव आदि का इस्तेमाल करने की अनुमति होगी ।
(iv) कार्यक्रम की वास्तविक अवधि प्रारंभिक और अंतिम क्रेडिट कैप्शनों के साथ 30 मिनट के स्लॉट के लिए 22 1/2 मिनट और 60 मिनट के कार्यक्रम के लिए 45 मिनट से अधिक नहीं होगी । दूरदर्शन के पास चैनल प्रोमोशन, लोक सेवा संदेशों आदि के लिए प्रत्येक 30 मिनट के स्लॉट में कार्यक्रम के बीच-बीच में 120 सेकंड और 60 मिनट के स्लॉट में 240 सेकंड के समय का उपयोग करने का अधिकार होगा । इसके लिए निर्माता को दूरदर्शन की ओर से सामग्री समावेश करने के लिए मिड ब्रेक में एक ब्रेक बंपर प्रदान करना होगा । कार्यक्रम के बाहर और बीच में नि:शुल्क विज्ञापन समय के उपयोग के अलावा अप्रयुक्त समय का उपयोग दूरदर्शन द्वारा चैनल प्रोमो, लघु अवधि के कार्यक्रमों/क्विकियों, लोक सेवा संदेशों और वाणिज्यिक उपयोग के लिए किया जाएगा । दूरदर्शन का संबंधित चैनल प्रबंधक दूरदर्शन विज्ञापन सेवा के परामर्श से इस बात का निर्णय लेगा कि इस समय का उपयोग किस प्रकार से किया जाए । अप्रयुक्त सारे समय का उपयोग दूरदर्शन द्वारा कार्यक्रम के पहले और बाद में किया जाएगा । तथापि, निर्माता के पास उसको देय नि:शुल्क विज्ञापन समय के अलावा इस अप्रयुक्त समय को उत्पादों/सेवाओं के विज्ञापन के लिए दूरदर्शन के विज्ञापन रेट कार्ड में निर्धारित दर पर खरीदने का विकल्प होगा बशर्ते कि समय उपलब्ध हो ।
(v) क्रेडिट/टाइटल खोलने और बंद करने की लंबाई को 30 सेकंड तक सीमित रखा जाए ।
(vi) निर्माता कार्यक्रम में अथवा कार्यक्रम के किसी भाग/कड़ी में प्रतियोगिता अथवा कॉन्टेस्ट आयोजित कर सकता है । प्रतियोगिता अथवा कॉन्टेस्ट कार्यक्रम की विषयवस्तु से संबंधित होना चाहिए । नकद अथवा वस्तु के रूप में पुरस्कार वितरकों को दिया जाने वाला क्रेडिट निर्माता को देय नि:शुल्क विज्ञापन समय का अंग होगा और अधिकतम 10 सेकंड की अवधि के लिए होगा । निर्माता को देय विज्ञापन समय में फिल्म ट्रेलर और एल्बम ट्रेलर दिखाने की अनुमति नहीं होगी ।
(vii) यदि किसी निर्धारित दिन पर निर्माता कार्यक्रम का प्रसारण नहीं करवा पाता है तो वह स्लॉट का प्रसारण शुल्क अदा करके दूरदर्शन को हुए नुकसान की भरपाई करेगा । ऐसा न करने पर निर्माता द्वारा निष्पादित कार्य निष्पादन बैंक गारंटी में से वसूली कर ली जाएगी ।
(viii) कार्यक्रम में पिछली कड़ियों के सारांश के लिए 30 मिनट के कार्यक्रम में अधिकतम 20 सेकंड और 60 मिनट के कार्यक्रम में 30 सेकंड की अनुमति दी जाएगी । इसे 30 मिनट के कार्यक्रम में 22 च् मिनट की उपलब्ध अवधि और 60 मिनट के कार्यक्रम में 45 मिनट की उपलब्ध अवधि में शामिल किया जाएगा । इस समय सीमा से अधिक उपयोग किए गए समय के लिए विज्ञापन दरों अर्थात दूरदर्शन के विज्ञापन रेट कार्ड के अनुसार स्पॉट बाई दर के आधार पर शुल्क वसूल किया जाएगा ।
(ix) मुख्य कार्यक्रम में खुले आम अथवा छद्म रूप से किसी उत्पाद/सेवा को विज्ञापित करने की अनुमति नहीं दी जाएगाी । यह निर्णय लेने की जिम्मेदारी कि कार्यक्रम में खुले आम अथवा छद्म रूप से किसी उत्पाद/सेवा का प्रचार किया गया है या नहीं, संबंधित चैनल के कार्यक्रम निदेशक की होगी ।
(x) दूरदर्शन के चूककर्ता निर्माताओं के नए धारावाहिकों के प्रसारण और ऐसे निर्माताओं के चल रहे प्रायोजित कार्यक्रमों की अवधि बढ़ाने के अनुरोध पर तब तक विचार नहीं किया जाएगा जब तक ऐसे निर्माता और विपणन एजेंसियां उनकी ओर बकाया राशि का पूरा भुगतान न कर दें । चूककर्ता निर्माताओं को नए कार्यक्रमों की अनुमति देने अथवा कार्यक्रम की कड़ियां बढ़ाने की अनुमति देने के लिए अधिकार प्राप्त समिति जिसमें मुख्य कार्यकारी अधिकारी, सदस्य (वित्त) और महानिदेशक, दूरदर्शन शामिल होंगे, के अनुमोदन की आवश्यकता होगी परंतु ऐसे निर्माताओं पर निम्नलिखित शर्तें लगाई जाएंगी:-
क. सभी कार्यक्रमों को अग्रिम भुगतान पर प्रसारित किया जाएगा ।
ख. अधिकार प्राप्त समिति द्वारा पुरानी बकाया राशि के लिए भुगतान योजना अनुमोदित की जाएगी और निर्माता द्वारा उसका अनुपालन किया जाएगा ।
ग. बकाया भुगतान योजना का अनुपालन करने में असफल रहने पर कार्यक्रम को तुरंत हटा दिया जाएगा ।
सभी मामलों में ऐसे चूककर्ता निर्माताओं के साथ की गई व्यवस्था से प्रसार भारती बोर्ड को यथाशीघ्र अवगत कराया जाएगा ।
(xi) यदि संबंधित निर्माता/विपणन एजेंसी समय पर बकाया राशि का भुगतान करने में असफल रहती है तो दूरदर्शन को चल रहे प्रायोजित कार्यक्रमों के प्रसारण को रोकने का अधिकार होगा । तथापि, जिस निर्माता की बकाया भुगतान योजना को अधिकार प्राप्त समिति द्वारा अनुमोदित किया गया है, वह उपर्युक्त पैरा 6 (x) के अनुसार विनियमित होगा ।
7. अन्य निबंधन एवं शर्तें
(i) कार्यक्रम के सृजनात्मक कर्मियों की नामावली हिंदी कार्यक्रमों के लिए हिंदी और/या अंग्रेजी में होंगी तथा इसकी कुल अवधि 20 सेकंड से अधिक नहीं होगी । यह स्पष्ट किया जाता है कि क्रेडिट लाइनें कार्यक्रम की अवधि का ही एक हिस्सा है :
निर्माता, निर्देशक, तकनीकी निर्देशक, गीतकार, नृत्य निर्देशक, कैमरामैन, वीडियो संपादक, संगीत निर्देशक, कला निदेशक/स्टेज डिजाइनर, वेशभूषा डिजाइनर आदि, प्रचार प्रभारी, ध्वन्यांकन, रूप-सज्जाकार, वीडियो रिकार्डिस्ट, मंच प्रभारी, प्रस्तुति सहायक, निर्माण में सहायता, निर्माता के
बैंकर्स ।
क्रेडिट कैप्शन सॉलिड या सुपर या रोलिंग कैप्शन के रूप में हो सकते हैं ।
(ii) क. खेल-कूद संबंधी और आयातित कार्यक्रमों को छोड़कर डीडी-1 और डीडी-न्यूज चैनलों पर प्रसारित किए गए कार्यक्रमों को प्रारंभिक प्रसारण के 7 दिन के भीतर बिना विज्ञापनों के दूरदर्शन द्वारा निर्धारित समय पर डीडी-इंडिया और/या डीडी-भारती चैनलों पर पुन: प्रसारित किया जा सकता है । डीडी-इंडिया और डीडी-भारती चैनलों पर भी कार्यक्रमों का पुन: प्रसारण 24 घंटे के अंदर किया जाएगा । इस नैसर्िगक प्रक्रिया को एक ही प्रसारण माना जाएगा । निर्माता को इस प्रयोजन के लिए बिना विज्ञापनों के कार्यक्रमों की बीटा टेपें अलग से प्रस्तुत करनी होंगी । डीडी-1 और डीडी-न्यूज चैनलों पर प्रायोजित श्रेणी के अंतर्गत कार्यक्रमों के प्रसारण के लिए सहमत वाणिज्यिक शर्तों में इन्हें डीडी-इंडिया और/या डीडी-भारती चैनलों पर प्रसारित करने का दूरदर्शन का अधिकार शामिल होगा तथा इसके लिए निर्माता को काई भुगतान नहीं किया जाएगा ।
ख. दूरदर्शन के पास धारावाहिक को मूल रूप से प्रसारित किए गए विज्ञापनों के बिना 48 घंटे के अंदर उसी चैनल पर किसी अन्य समय पर पुन: प्रसारित करने का अधिकार होगा तथा उसे इस प्रकार प्रसारित किए जाने वाले धारावाहिक के पहले, बाद में तथा उसके बीच में अपनी सुविधानुसार विज्ञापन समय के उपयोग का भी अधिकार होगा और इसके लिए निर्माता को कोई भुगतान नहीं किया जाएगा ।
(iii) निर्माता को दूरदर्शन पर प्रसारित किए जाने वाले कार्यक्रम की संविदा लंबित रहने की अवधि के दौरान अपने कार्यक्रम को इसके प्रोमोशन के बिना इंटरनेट और नए मीडिया पर देने की अनुमति नहीं होगी ।
(iv) निर्माता को दूरदर्शन द्वारा पूर्वावलोकन के लिए पूरे दो कार्यदिवस पहले बिना विज्ञापनों के प्रसारण टेपों की डिलीवरी सुनिश्चित करनी होगी । उसे प्रसारण की तारीख से पूरे एक कार्यदिवस पहले तकनीकी क्लीयरेंस और वास्तविक प्रसारण के लिए विज्ञापनों के साथ फाइनल प्रसारण टेप की डिलीवरी भी सुनिश्चित करनी होगी ।
(v) दूरदर्शन पर प्रसारण के लिए निर्मित एवं प्रस्तुत कार्यक्रम दूरदर्शन की प्रसारण तथा विज्ञापन संहिताओं के अनुरूप होने चाहिएं ।
(vi) यदि जरूरी हुआ तो निर्माता को कार्यक्रम के किसी भाग/दृश्यों को दूरदर्शन द्वारा सुझाए गए अनुसार संपादित करना/हटाना होगा ।
(vii) कार्यक्रम के प्रसारण के दौरान केवल दूरदर्शन का लोगो ही दिखाया जाएगा । निर्माता का कैप्शन कार्यक्रम से पहले और अंत में प्रसारित किया जाएगा ।
(viii) कार्यक्रम की प्रत्येक कड़ी दूरदर्शन के मोंटेज के साथ शुरू और समाप्त होगी ।
(ix) दूरदर्शन के विज्ञापन रेट कार्ड में समय-समय पर निर्धारित शर्तों एवं निबंधनों पर दूरदर्शन किसी भी प्रायोजित कार्यक्रम को अधिकार धारक (धारकों) की सहमति से पुन: प्रसारित कर सकता है ।
(x) दूरदर्शन अधिकार धारक (धारकों) की सहमति से देश में निर्मित किसी कार्यक्रम का देश में अथवा विदेश में वाणिज्यिक विपणन कर सकता है तथा इससे होने वाली आय को अधिकार धारक/ धारकों और दूरदर्शन के बीच परस्पर सहमति के अनुसार बांटा जाएगा । परन्तु दूरदर्शन द्वारा अथवा निजी व्यक्ति अथवा संगठन द्वारा सीधे आयात किए गए टी.वी. कार्यक्रमों के संबंध में यह लागू नहीं होगा ।
(xi) प्रायोजित कार्यक्रमों का प्रीमियर सर्वप्रथम दूरदर्शन पर ही किया जाएगा । दूरदर्शन अन्य चैनलों पर प्रसारित धारावाहिकों पर भी विचार कर सकता है बशर्ते कि कार्यक्रम की टीआरपी कम से कम 10 हो तथा निर्माता प्रसारण शुल्क पर 50% प्रीमियम देता हो ।
(xii) प्रायोजित कार्यक्रमों के जिन निर्माताओं के प्रस्तावों को स्वीकार कर लिया गया है, उन्हें दूरदर्शन पर श्रृंखला धारावाहिक की अंतिम कड़ी के प्रसारण की तारीख से छ: मास तक किसी अन्य चैनल पर वही कार्यक्रम प्रसारित करने की पेशकश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी ।
(xiii) निर्माता दूरदर्शन को प्रायोजित कार्यक्रम की एक वीएचएस कैसेट नि:शुल्क उपलब्ध कराएगा ।
(xiv) निर्माता को कार्यक्रम का टेलीविजन अधिकार धारक होने के बारे में एक शपथ पत्र पर, कार्यक्रम करार पर तथा एक घोषणा एवं क्षतिपूर्ति बंध पत्र पर हस्ताक्षर करने होंगे ।
(xv) यदि कोई भी विवाद होगा तो उसका समाधान भारतीय मध्यस्थ एवं सुलह अधिनियम, 1996 के तहत मध्यस्थ के माध्यम से किया जाएगा जिसका निर्णय अंतिम एवं मान्य होगा।
(xvi) इस योजना के तहत नेशनल चैनलों के संबंध में उत्पन्न किसी भी विवाद के बारे में निर्णय लेने का अधिकार केवल दिल्ली स्थित न्यायालयों को और क्षेत्रीय भाषा के कार्यक्रमों के लिए संबंधित राज्य की राजधानियों में स्थित न्यायालय को होगा ।
8. पुन: विचार
(i) कोई निर्माता, जिसका प्रस्ताव चयन समिति द्वारा अस्वीकृत कर दिया गया हो, यदि वह चाहे तो, महानिदेशक, दूरदर्शन को अपने प्रस्ताव पर पुन: विचार करने के लिए लिखित रूप में आवेदन पत्र भेज सकता है जिसमें उसे उन कारणों का उल्लेख करना होगा जिनके आधार पर वह पुनर्विचार कराना चाहता है ।
(ii) निर्माता द्वारा इस आशय का आवेदन उसके प्रस्ताव के अस्वीकृत होने संबंधी पत्र के जारी होने के एक माह की अवधि के अंदर किया जाएगा । उपर्युक्त एक माह की अवधि के पश्चात प्रस्ताव पर पुन: विचार हेतु प्राप्त कोई भी आवेदन किसी भी आधार पर स्वीकार नहीं किया जाएगा ।
(iii) प्रस्ताव पर पुन: विचार करने संबंधी आवेदन के साथ राष्ट्रीय चैनलों हेतु "पीबीबीसीआई महानिदेशक, दूरदर्शन, नई दिल्ली" के पक्ष में तथा डीडी क्षेत्रीय चैनलों के लिए संबंधित दूरदर्शन केन्द्रों के निदेशकों के पक्ष में देय रेखांकित बैंक ड्राफ्ट के रूप में 25,000/-रुपए का अप्रतिदेय शुल्क देना होगा ।
(iv) दूरदर्शन अस्वीकृत प्रस्ताव पर पुन: विचार हेतु उपर्युक्त आवेदन को अपीलीय प्राधिकरण के समक्ष प्रस्तुत करेगा । महानिदेशक, दूरदर्शन की अध्यक्षता में अपीलीय प्राधिकरण में निम्नलिखित अधिकारी सम्मिलित होंगे:-
क) प्रमुख अभियंता, दूरदर्शन
ख) अपर महानिदेशक/उप महानिदेशक (डीडी-इंडिया)
ग) अपर महानिदेशक/उप महानिदेशक (डीडी-भारती)
घ) तीन बाह्य विशेषज्ञ (जिन्होंने मूल प्रस्ताव पर निर्णय नहीं लिया था)
इसका निर्णय अंतिम होगा तथा प्रस्ताव पर पुन: विचार हेतु अन्य किसी अनुरोध पर विचार नहीं किया जाएगा । निर्माता को प्रस्ताव पर पुनर्विचार संबंधी निर्णय से तीन माह के अंदर सूचित कर दिया जाएगा ।
9. क्षेत्रीय केन्द्र
(i) दूरदर्शन के नेशनल नेटवर्क पर टीवी कार्यक्रमों के प्रसारण हेतु प्रस्तावों पर विचार करने, कार्रवाई करने तथा अनुमोदन करने के लिए निर्धारित दिशा-निर्देश आवश्यक परिवर्तनों सहित निम्नलिखित संशोधनों के तहत क्षेत्रीय केन्द्रों द्वारा टीवी कार्यक्रमों के प्रसारण के प्रस्तावों के लिए भी लागू होंगे:
(i) क. प्रस्ताव के साथ आहरण एवं संवितरण अधिकारी, दूरदर्शन केन्द्र (संबंधित) के पक्ष में 10,000/- रु. के मूल्य के रेखांकित बैंक ड्राफ्ट के रूप में अप्रतिदेय प्रक्रिया शुल्क संलग्न करना होगा । क्षेत्रीय उपग्रह चैनलों (स्थलीय प्रसारण की सुविधा के बिना) के लिए देय शुल्क 2,000/- रु0 होगा ।
(क) श्रेणीवार सभी प्रस्तावों की आरंभिक जांच तथा मूल्यांकन करने के उद्देश्य से दूरदर्शन केन्द्र के निम्नलिखित अधिकारियों की एक मूल्यांकन समिति गठित की जाएगी:
क. मुख्य प्रस्तुतकर्ता (प्रभारी प्रायोजित कार्यक्रम)
ख. उप कार्यक्रम निदेशक तथा कार्यकारी प्रस्तुतकर्ता (प्रभारी प्रायोजित कार्यक्रम)
ग. कार्यक्रम अधिकारी (प्रभारी प्रायोजित कार्यक्रम)
घ. केन्द्र अभियंता
(ii) यदि समिति यह महसूस करती है कि इतिहास, विज्ञान आदि विषय विशेष पर आधारित प्रस्ताव पर विशेषज्ञ की राय ली जानी जरूरी है तो समिति उन क्षेत्रों के विशेषज्ञों को चयन समिति में सम्मिलित करने की सिफारिश कर सकती है ।
ख. चयन समिति में निम्नलिखित सम्मिलित होंगे:-
क. दूरदर्शन केन्द्र का निदेशक
ख. मुख्य प्रस्तुतकर्ता (प्रभारी प्रायोजित कार्यक्रम)
ग. अधीक्षण अभियंता/केन्द्र अभियंता
घ. समाचार संपादक (समाचार एवं सामयिकी कार्यक्रमों हेतु आमंत्रित किया जाएगा)
ङ उप कार्यक्रम निदेशक/कार्यकारी प्रस्तुतकर्ता (प्रभारी प्रायोजित कार्यक्रम)
च. आकाशवाणी/क्षेत्रीय फिल्म सेंसर बोर्ड/पत्र सूचना कार्यालय का स्थानीय प्रमुख
छ. तीन बाह्य विशेषज्ञ
क्षेत्रीय केन्द्रों द्वारा क्षेत्रीय केन्द्र के निदेशक की सिफारिश पर क्षेत्रीय उप महानिदेशक द्वारा नामित कला, साहित्य, प्रसारण, मीडिया आदि क्षेत्रों की 15 अति विशिष्ट सुविख्यात हस्तियों का एक पैनल रखा जाएगा । इन 15 व्यक्तियों में से तीन को चयन हेतु बारी-बारी से आमंत्रित किया जाएगा । इन तीन व्यक्तियों में से कम से कम एक महिला अवश्य होगी । इसके अलावा इनमें मार्केএटिंग का ज्ञान रखने वाला एक विशेषज्ञ भी होगा ।
(iv) स्थलीय प्रसारण वाले क्षेत्रीय चैनल के मामले में केन्द्रों की चयन समिति साप्ताहिक धारावाहिकों के मामले में 52 कड़ियों तथा दैनिक धारावाहिकों की 260 कड़ियों का अनुमोदन कर सकती है । दूसरे शब्दों में केवल 52 सप्ताह के लिए प्रस्ताव स्वीकृत किए जाएंगे । इससे अधिक कड़ियों के लिए अति विशिष्ट मामलों में ही महानिदेशक, दूरदर्शन को सिफारिश की जाएगी । केन्द्र की सिफारिशें कार्यक्रम की गुणता, टीआरपी रेटिंग के संबंध में धारावाहिक की लोकप्रियता, लाइन में अगले प्रस्तावों की स्थिति तथा निर्माता के भुगतान व्यवहार पर आधारित होनी चाहिए । महानिदेशालय, में धारावाहिक के विस्तार पर केन्द्र/क्षेत्र के प्रभारी उप महानिदेशक द्वारा विचार किया जाएगा तथा महानिदेशक दूरदर्शन को अनुमोदनार्थ प्रस्तुत किया जाएगा ।
धारावाहिक के प्रसारण के 8 सप्ताह के पश्चात उसकी समग्र गुणता और टीआरपी रेटिंग की समीक्षा की जाएगी तथा यदि कार्यक्रम को संतोषजनक नहीं पाया जाता है तो 13 सप्ताह के पश्चात प्रसारण बंद कर दिया जाएगा । इसी प्रकार की समीक्षा उन धारावाहिकों के मामले में भी निर्धारित सप्ताह की संख्या के पश्चात् की जाएगी जिन्हें सामान्य अनुमेादित कड़ियों से अधिक की मंजूरी दी गई हो ।
(v) क्षेत्रीय भाषा उपग्रह चैनलों (बिना स्थलीय प्रसारण सहायता के) के मामले में 52 सप्ताह से आगे आरंभिक स्वीकृति महानिदेशक, दूरदर्शन के परामर्श से ही दी जाएगी ।
(vi) केन्द्र, निर्माता से यह घोषणा पत्र लेंगे कि क्षेत्रीय स्थलीय चैनल पर प्रसारित उनका कार्यक्रम क्षेत्रीय स्थलीय चैनल पर आरंभिक प्रसारण के सात दिन के भीतर बिना किसी विज्ञापन के दूरदर्शन के विवेकाधिकार पर क्षेत्रीय भाषा उपग्रह चैनल पर पुन: प्रसारित किया जाएगा । इस नैसर्िगक प्रक्रिया को एक ही प्रसारण माना जाएगा । इस प्रयोजन के लिए निर्माता को बिना विज्ञापनों के कार्यक्रम की बीटा टेपें अलग से प्रस्तुत करनी होंगीं । क्षेत्रीय स्थलीय चैनल पर प्रायोजित श्रेणी के अंतर्गत कार्यक्रमों के प्रसारण के लिए परस्पर सहमत वाणिज्यिक शर्तों में उन्हें क्षेत्रीय भाषा उपग्रह सेवा चैनल पर प्रसारित करने का दूरदर्शन का अधिकार शामिल होगा और इसके लिए कोई भुगतान नहीं किया जाएगा ।
10. अपीलीय प्राधिकारी
केन्द्र की चयन समिति द्वारा अस्वीकृत किसी प्रस्ताव पर पुनर्विचार के लिए आवेदन पत्र संबंधित केन्द्र के निदेशक को संबोधित किया जाएगा, जिसमें उन कारणों का उल्लेख किया जाएगा जिनके आधार पर प्रस्ताव पर पुन: विचार किया जाना चाहिए तथा उसके साथ 5,000/- रुपए के रेखांकित बैंक ड्राफ्ट के रूप में अप्रतिदेय प्रक्रिया शुल्क संलग्न किया जाए जो संबंधित दूरदर्शन केन्द्र के आहरण एवं संवितरण अधिकारी को देय होगा ।
क) इस प्रकार किए गए आवेदन पत्रों को संबंधित केन्द्र के निदेशक द्वारा मूलत: प्राप्त प्रस्ताव तथा उस पर चयन समिति द्वारा की गई सिफारिशों/टिप्पणियों के पूरे सेट के साथ दूरदर्शन महानिदेशालय को अग्रेषित कर दिया जाएगा ।
ख) अंतिम रूप से निर्णय लेने के लिए उद्देश्य से प्रस्ताव पर पुन: विचार करने के लिए इसे क्षेत्रीय केन्द्र के प्रभारी अपर/उप महानिदेशक की अध्यक्षता में एक पुनरीक्षा समिति और क्षेत्रीय चयन समिति के विशेषज्ञों के पैनल से कम से कम तीन बाह्य विशेषज्ञों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा । परन्तु ये विशेषज्ञ ऐसे होंगे जिन्होंने पूववर्ती चयन/अस्वीकार करने की प्रक्रिया में भाग नहीं लिया होगा ।
ग) प्रायोजित कार्यक्रमों के संबंध में किसी विवाद के लिए निर्णय देने वाला प्राधिकारी महानिदेशक, दूरदर्शन होगा ।
11. "वन-ऑफ" प्रस्ताव
राजस्व अर्जित करने वाले स्लॉटों में व्यवधान डाले बिना स्लॉटों की उपलब्धता की पुष्टि होने की शर्त पर "वन-ऑफ" प्रस्ताव स्वीकार किए जा सकते हैं । नेशनल और क्षेत्रीय केन्द्र/चैनलों पर प्रसारण के लिए निम्नलिखित श्रेणियों के "वन-ऑफ" प्रस्ताव दूरदर्शन के विभिन्न चैनल और क्षेत्रीय केन्द्र प्राप्त कर सकते हैं ।
(i) फिल्मों का निर्माण
(ii) वर्षगांठ/विशिष्ट त्यौहार से संबंधित कार्यक्रम
(iii) सार्वजनिक उपयोगिता/सार्वजनिक हित के छुट-पुट कार्यक्रम
(iv) विशिष्ट अवसरों से संबंधित फिल्में/वृत्तचित्र
(v) श्रृंखला/धारावाहिक जो 8 कड़ियों से अधिक के न हों
(vi) आयोजन और
(vii) रिपोर्ट्स
(viii) चैनल के कार्यक्रम से संबंधित किसी अन्य विषय पर कार्यक्रम
निर्माता द्वारा सभी प्रकार से पूर्ण प्रस्ताव उनके प्रसारण की टेपों के साथ, यदि उपलब्ध हों, प्रस्तुत किए जाएंगे जिनके साथ नेशनल चैनल के लिए 10,000/- रुपए और दूरदर्शन समाचार एवं क्षेत्रीय केन्द्रों/चैनलों के लिए 5,000/- रु. का अप्रतिदेय डिमांड ड्राफ्ट संलग्न करना होगा । यदि प्रस्ताव (किसी भी स्थलीय सहायता के बिना) नेशनल उपग्रह चैनल (लों) के लिए है तो देय प्रक्रिया शुल्क 1,000/- रुपए है तथा यदि क्षेत्रीय उपग्रह चैनल के लिए है (किसी भी स्थलीय सहायता के बिना) तो प्रक्रिया शुल्क 500/- रुपए है । सरकारी विभागों/उपक्रमों (केन्द्र और राज्य सरकार दोनों) से प्राप्त प्रस्तावों के लिए कोई प्रक्रिया शुल्क देय नहीं होगा । राष्ट्रीय कार्यक्रमों के लिए महानिदेशालय में और स्थलीय कार्यक्रमों के लिए केन्द्र में एक आंतरिक मूल्यांकन समिति द्वारा इन प्रस्तावों का मूल्यांकन किया जा सकता है।
12. आयातित कार्यक्रम:
(i) प्राइवेट व्यक्तियों या संगठनों द्वारा आयात किए गए टेलीविजन कार्यक्रम, जिनका आयात इस प्रकार के आयात के लिए सरकार द्वारा यथानिर्धारित नीति के अनुसार किया गया है, प्रायोजकता की योजना के तहत प्रसारण हेतु दूरदर्शन को प्रस्तुत किए जा सकते हैं ।
(ii) इस संबंध में प्रस्तुत किए गए प्रस्तावों पर ऊपर पैरा 03 में यथाउल्लिखित समितियों द्वारा अनुमोदन हेतु विचार किया जाएगा । आवेदक/अधिकार धारक पैरा 2(v) अथवा पैरा 10 में, जैसी भी स्थिति हो, यथाउल्लिखित प्रक्रिया शुल्क का भुगतान करेगा।
(iii) प्रस्ताव सहायक दस्तावेजों के साथ प्रस्तुत किए जाएंगे जिनमें निम्नलिखित का विशिष्ट रूप से उल्लेख किया जाएगा:-
(क) कार्यक्रम को दूरदर्शन पर प्रसारित करने के लिए केवल आवेदक के पास ही टीवी अधिकार (स्थलीय तथा उपग्रह) हैं ।
(ख) भारत में इसके आयात का माध्यम ।
(ग) आयात पूर्णतया भारत सरकार द्वारा निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार किया गया है तथा फेमा के विनियमों का उल्लंघन नहीं किया गया है; और
(घ) विदेशी फीचर फिल्मों को केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड से भारत में यू प्रमाण पत्र के साथ सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए उपयुक्त प्रमाणित कराना होगा ।
iv) जिस व्यक्ति अथवा संगठन के आयातित टीवी कार्यक्रम को दूरदर्शन द्वारा प्रसारित करने की पेशकश को स्वीकार किया जाता है उसे चयन समिति द्वारा यथानिर्धारित कड़ियों की संख्या दूरदर्शन को उपलब्ध करानी होंगी।
(v) आयातित टीवी कार्यक्रमों के प्रसारण के लिए अन्य निबंधन एवं शर्तें वही रहेंगी जो इस योजना के तहत बाह्य निर्माताओं को सौंपे गए टीवी कार्यक्रमों के संबंध में लागू होंगी। परन्तु ये दूरदर्शन के विज्ञापन रेट कार्ड में यथा निर्धारित संशोधनों के अधीन होंगी।
13. दूरदर्शन के कार्यक्रमों की प्रायोजकता
(i) दूरदर्शन स्वयं अपने टीवी कार्यक्रमों अथवा उसके द्वारा आयात किए गए कार्यक्रम को प्रायोजकता के लिए प्रस्तुत करने हेतु स्वतंत्र होगा ।
(ii) इस प्रकार की प्रायोजकता के लिए वाणिज्यिक निबंधन एवं शर्तें वही रहेंगी परन्तु ये दूरदर्शन के विज्ञापन रेट कार्ड में यथानिर्धारित संशोधनों के अधीन होंगी ।
14. अपवाद
इन दिशानिर्देशों में किसी बात के होने के बावजूद दूरदर्शन, अधिकार प्राप्त समिति जिसमें मुख्य कार्यकारी अधिकारी, सदस्य (वित्त) और महानिदेशक, दूरदर्शन शामिल होंगे, के पूर्वानुमोदन से निम्नलिखित कार्य कर सकता है:
(क) इन दिशानिर्देशों में किसी भी प्रकार की छूट देते हुए इस योजना के तहत टीवी कार्यक्रम के प्रसारण हेतु किसी भी प्रस्ताव को स्वीकार करना ; अथवा
(ख) किसी प्रायोजित कार्यक्रम के सभी अथवा किसी एक पहलू के संबंध में, आंशिक रूप से अथवा पूर्णरूप से, कोई भी निर्देश जारी करना तथा निर्माता इस निर्देशों के अनुसार कार्य करेगा,
(ग) चैनल और कार्यक्रमों की आवश्यकता के अनुसार उनके गुण-दोषों के आधार पर स्वत: प्रस्ताव स्वीकार करना ।
उपर्युक्त सभी मामलों में अधिकार प्राप्त समिति के निर्णय (निर्णयों) की प्रसार भारती बोर्ड से पुष्टि कराई जाएगी ।