हिंदी फीचर फिल्मों के लिए दिशा-निर्देश

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हिंदी फीचर फिल्मों के लिए दिशा-निर्देश

हिंदी फीचर फिल्मों के दिशा-निर्देशों में संशोधन

 

हिंदी फीचर फिल्मों के लिए दिशा-निर्देश-2007

 

विषय:  दूरदर्शन के विभिन्न चैनलों पर प्रसारण के लिए रॉयल्टी के भुगतान पर हिंदी फीचर फिल्में प्राप्त करने संबंधी दिशा-निर्देश

 

  1. उद्देश्य

 

अपने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करने के लिए दूरदर्शन अपने अग्रणी चैनल डीडी-1 तथा अन्य राष्ट्रीय चैनलों (डीडी भारती, डीडी उर्दू), अंतर्राष्ट्रीय चैनल (डीडी इंडिया) और क्षेत्रीय चैनलों के लिए फीचर फिल्में प्राप्त करता है । दूरदर्शन पर जहां लोगों की पसंद के अऩुसार बॉक्स आफिस पर हिट नई फिल्में प्रसारित की जाती हैं वहीं गंभीर सिनेमा, उत्कृष्ट सिनेमैटिक फिल्में, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्में, पुरानी हिट फिल्में, बाल फिल्में और ऐसी श्रेणी की फिल्में जिन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई है, भी प्रसारित की जाती हैं । मनोरंजन की दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के साथ-साथ फिल्में दूरदर्शन के लिए राजस्व का भी महत्वपूर्ण स्रोत  हैं ।

 

  1. अधिकारधारकों का पंजीकरण

 

(i) (क)   दूरदर्शन, कार्यक्रम संबंधी अपनी आवश्यकताओं के अऩुसार हिंदी फीचर फिल्मों के अधिकारधारकों को रॉयल्टी के भुगतान के आधार पर हिंदी फीचर फिल्में देने हेतु दूरदर्शन में पंजीकृत होने के लिए आमंत्रित करेगा । पंजीकरण की घोषणा दूरदर्शन नेटवर्क,दूरदर्शन की बेवसाइट पर और यदि आवश्यकता हुई तो समाचारपत्रों में विज्ञापऩों के माध्यम से व्यापक प्रचार द्वारा की जाएगी ।

   (ख)   पंजीकरण अधिसूचित की गई अवधि के लिए वैध होगा । पंजीकृत आवेदक किसी ऐसी फिल्म का प्रस्ताव भी दे सकेगा जिसके अधिकार उसे पंजीकरण के बाद परंतु पंजीकरण की वैधता अवधि के भीतर प्राप्त हुए हों । तथापि, आवेदक को इस खंड के उप खंड (iii) और (iv)में विहित सभी अपेक्षाओं को पूरा करना होगा । ऐसे आवेदक जो उप खंड (i) (क) के अऩुसार की गई घोषणा के उत्तर में निर्धारित समय सीमा के भीतर पंजीकरण नहीं करा पाते हैं परंतु इन दिशा-निर्देशों के अऩुसार फिल्मों के प्रसारण का प्रस्ताव प्रस्तुत करना चाहते हैं, उन्हें इस शर्त पर ऐसा करने की अऩुमति दी जाएगी कि वे प्रस्ताव के साथ प्रति फिल्म 15,000/-रुपये का अप्रतिदेय प्रक्रिया शुल्क जमा कराएं ।

 

(ii)      आवेदक को प्रस्तावों की प्राप्ति की पावती सुविधा पटल द्वारा दी जाएगी । दूरदर्शन अधिकारधारकों से प्राप्त प्रस्तावों का रिकार्ड रखेगा ।

 

(iii)      इस योजना के अंतर्गत प्राप्त प्रस्ताव में निम्ऩलिखित दस्तावेज शामिल होंगे:-

 

 

(क)   विधिवत् रूप से भरा हुआ प्रस्ताव फार्म

 

(ख)   स्टांप पेपर पर विधिवत् रूप से नोटरीकृत लिंक करार (करारों) की प्रति ताकि यह प्रमाणित हो सके कि आवेदक के पास उस फिल्म के अधिकार हैं जिसके लिए उसने प्रस्ताव भेजा है ।

 

(ग)    सेंसर प्रमाणपत्र की नोटरीकृत प्रति ।

 

(घ)    संबंधित फिल्म प्रयोगशाला से प्रमाणपत्र की नोटरीकृत प्रति जिसमें नेगेटिव अधिकारधारकों का विवरण दिया गया हो ।

 

   (ङ)    कथानक, कलाकारों और निर्देशक, संगीत निर्देशक आदि सहित कथासार, हिट गाऩों की सूची और फिल्म के रिलीज होने का वर्ष ।

 

(च)   पूर्वावलोकन प्रयोजन के लिए फिल्म की डीवीडी/वीसीडी/वीएचएस

 

(छ)   निर्धारित फार्मेट में क्षतिपूर्ति बंधपत्र

 

(ज)   निर्धारित फार्मेट में शपथपत्र/वचनबंध

 

(झ)   प्रचार सामग्री अर्थात स्टिल्स आदि

 

(ञ)   विधिवत् रूप से नोटरीकृत अवार्ड प्रमाणपत्र/जुबली प्रमाणपत्र, यदि कोई हो

 

(ट)    जिस मामले में उपलब्ध हों, क्षेत्रवार आंकड़ों सहित बॉक्स आफिस रिपोर्ट

 

(ठ)    जिस मामले में उपलब्ध हों, समाचार पत्रों की कतरऩें/प्रेस रिव्यू की प्रतियाँ

 

(ड)    आवेदक के पैन कार्ड की फोटो प्रति

 

(iv)      प्रस्ताव के साथ प्रत्येक फिल्म के लिए 10,000/- रुपये का अप्रतिदेय प्रक्रिया शुल्क प्रसार भारती, दूरदर्शन महानिदेशालय के पक्ष में नई दिल्ली में देय बैंक ड्राफ्ट के रूप में भेजा जाएगा । यह दोहराया जाता है कि प्रस्ताव स्वीकृत न होने पर भी यह राशि अप्रतिदेय होगी ।

 

(v)      आवदेन पर तभी विचार किया जाएगा जब वह सभी प्रकार से पूर्ण होगा और ऊपर खंड 2(iii) और (iv) में दिए गए अऩुसार प्रस्तुत किया गया होगा । अपूर्ण आवेदऩों को सरसरी तौर पर ही अस्वीकार किया जा सकता है । एक बार अस्वीकृत किए गए और लौटाए गए प्रस्तावों के संबंध में दूरदर्शन कोई पत्र-व्यवहार नहीं करेगा ।

 

(vi)      ऐसे आवेदकों को महत्व दिया जाएगा जो दूरदर्शन चैनलों के बुके पर प्रसारण के लिए हिंदी फीचर फिल्मों का प्रस्ताव भेजेंगे ।

 

3.     राष्ट्रीय नेटवर्क पर फिल्म स्लॉट

 

   दूरदर्शन के राष्ट्रीय नेटवर्क (डीडी-1) पर विद्यमान स्लॉटों का विवरण इस प्रकार है:

 

क्रम सं.

दिन

स्लॉट

समय

प्रकार

1.  

शुक्रवार

शुक्रवार

21:30

ब्लॉकबस्टर/हिट्स

2.  

शनिवार

शनिवार

21:30

 ब्लॉकबस्टर/हिट्स

3.  

रविवार

सिंहावलोकन

12:00

अर्थपूर्ण सिनेमा

4.  

रविवार

हिंदी क्षेत्र नेटवर्क

16:00

लोकप्रिय सिनेमा

5.  

सोम, मंगल, बुध

धारावाहिक के रूप में बायस्कोप

23:00

पुरानी लोकप्रिय फिल्में

6.  

छुट्टी/विशेष अवसर

छुट्टी स्पेशल

12:00 अथवा 14:30

अवसरों के लिए उपयुक्त फिल्में

 

दूरदर्शन के पास कार्यक्रम आवश्यकताओं के अऩुसार उपर्युक्त स्लॉटों में कोई भी फेर-बदल करने का अधिकार होगा ।

 

4.   रॉयल्टी दर संरचना

 

श्रेणी

विंटेज (निर्माण वर्ष)

ग्रेड

रॉयल्टी

1959 और उससे पहले की

बी+

1.50 लाख

2.00 लाख

बी

1960-69

बी+

2.00 लाख

3.00 लाख

सी

1970-79

बी+

3.00 लाख

5.00 लाख

डी

1980-89

बी+

4.00 लाख

6.00 लाख

1990-99

बी+

5.00 लाख

7.00 लाख

एफ

2000 से बाद की

बी+

6.00 लाख

8.00 लाख

एफ-1

2 कैलेंडर वर्षों से पहले निर्मित फिल्में (उस कैलेंडर वर्ष को छोड़कर जिससें चुनाव किया जा रहा हो)

बी+

6.00 लाख

8.00 लाख

ए+

12.00 लाख

ए सुपर

16.00 लाख

एफ-2

2 कैलेंडर वर्षों के अंदर में निर्मित फिल्में (उस कैलेंडर वर्ष को छोड़कर जिससें चुनाव किया जा रहा हो)

बी+

6.00 लाख

8.00 लाख

ए+

12.00 लाख

ए सुपर

16.00 लाख

ए प्रीमियर

20.00 लाख

 

(i)       ऐसी फिल्में जोकि वाणिज्यिक रूप से व्यवहार्य होंगी तथा एफ-1 और एफ-2 श्रेणी के अंतर्गत आएंगी, उन्हें डीडी-1 पर शुक्रवार और शनिवार को प्राइम-टाइम स्लॉट में प्रसारण के लिए चुना जाएगा ।

 

(ii)      डीडी-1 को छोड़कर अन्य चैनलों पर (डीडी उर्दू और डीडी भारती के अलावा जिनके लिए इससे पहले कोई दरें निर्धारित नहीं की गई थीं) फिल्मों के प्रसारण के लिए रॉयल्टी भुगतान दरें विद्यमान प्रावधाऩों के अऩुसार होंगी ।

 

(iii)      डीडी उर्दू और डीडी भारती पर फिल्मों के प्रसारण के लिए रॉयल्टी भुगतान की दरें डीडी-1 पर प्रसारण के लिए निर्धारित रॉयल्टी की 20% होंगी ।

 

(iv)      यदि डीडी-1 पर प्रसारण के चार महीने के भीतर किसी दूरदर्शन चैनल पर (डीडी-1 को छोड़कर) हिंदी फिल्म दिखाई जाती है तो रॉयल्टी की दरें उन दरों का 50% होंगी जोकि उपर्युक्त खंड 4 (ii) और (iii) के अंतर्गत ऐसी फिल्मों की लिए स्वीकार्य होती

 

(v)      रंगीन और डिजीटल रूप में पुन: रिलीज की गई पुरानी फिल्मों के मामले में, रॉयल्टी की राशि को पुन:रिलीज किए जाने वाले वर्ष के संदर्भ में परिकलित किया जाएगा ना कि उसके श्याम-श्वेत (ब्लैक एंड व्हाइट) और ऩॉन-डिजीटल रूप में उसके मूल रिलीज के वर्ष के संदर्भ में ।

 

(vi)      उसी चैनल पर फिल्मों को पुन: प्रसारित करने के लिए दरें इस प्रकार होंगी :

 

      पुन: प्रसारण                                  दर

दूसरी बार प्रसारण            उसी चैनल पर पहले प्रसारणके                                             लिए स्वीकृत रॉयल्टी की राशि का 50%

 

तीसरे और उसके बाद के प्रसारण        उसी चैनल पर पहले प्रसारण के लिए स्वीकृत

                              रॉयल्टी की राशि का 25%

(vii)     पुन: प्रसारणों के लिए देय रॉयल्टी का निर्णय करने के प्रयोजन के लिए पाँच कैलेंडर वर्षों के बाद किए गए प्रसारण (नियत प्रसारण के कैलेंडर वर्ष को छोड़कर) को शामिल नहीं किया  जाएगा ।

 

(viii)    एक से अधिक चैनलों पर प्रसारित करने के लिए दी गई फिल्मों के लिए ऊपर बताए गए अऩुसार परिकलित समेकित रॉयल्टी की राशि अदा की जाएगी ।

 

(ix)    दूरदर्शन यह सुनिश्चित करेगा कि फिल्म के प्रसारण की तारीख के 30 दिऩों के भीतर अधिकारधारक को रॉयल्टी की राशि का भुगतान कर दिया जाए ।

 

5. चयन

 

(i)       विभिन्न राष्ट्रीय चैनलों (अर्थात् डीडी-1, डीडी भारती और डीडी उर्दू), क्षेत्रीय चैनलों और अंतर्राष्ट्रीय चैनल (डीडी इंडिया) पर प्रसारित की जाने वाली सभी हिंदी फीचर फिल्मों के संबंध में कार्रवाई केंद्रीय रूप से दिल्ली में की जाएगी

 

(ii)      प्रस्तावों की जांच इन दिशा-निर्देशों के प्रावधाऩों और विज्ञापन में दी गई अन्य अपेक्षाओं के अऩुसार दूरदर्शन महानिदेशालय में एक संवीक्षा समिति द्वारा की जाएगी । इस समिति का गठन महानिदेशक,दूरदर्शन करेंगे और समिति यह सुनिश्चित करेगी कि आवेदक द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव सभी प्रकार से पूर्ण हो और संबंधित फिल्म के अधिकार स्पष्ट रूप से आवदेक के पास हों ।

 

(iii)      लघुसूचीयन:

 

(क)   संवीक्षा समिति सभी प्रकार से पूर्ण प्रस्तावों को लघुसूचीयन समिति को भेजेगी । लघुसूचीयन समिति के अध्यक्ष मुख्य कार्यकारी अधिकारी होंगे और उसमें महानिदेशक, दूरदर्शन, बारी-बारी से नामित उप महानिदेशक स्तर का एक अधिकारी, बारी-बारी से नामित निदेशक (कार्यक्रम) स्तर का एक अधिकारी, निदेशक (विपणन) शामिल होंगे और मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा अऩुमोदित पैनल में से एक बाह्य विशेषज्ञ महानिदेशक, दूरदर्शन की सिफारिश पर शामिल किया जाएगा

 

(ख)   सामान्यत: लघुसूचीयन समिति की बैठकें वर्ष में चार बार आयोजित की जाएंगी । प्रत्येक बैठक में आगामी तीन महीने की फिल्मों के बारे में निर्णय लिया जाएगा । तथापि, कार्यक्रम संबंधी तात्कालिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए समिति की बैठकें एक वर्ष में चार से अधिक बार भी बुलाई जा सकती हैं । महानिदेशक,दूरदर्शन की यह जिम्मेदारी होगी कि जांच किए गए प्रस्तावों को उस तिमाही, जिसके लिए फिल्मों का चयन किया जाना है, से कम से कम 45 दिन  पूर्व प्रस्तुत करें।

 

(ग)    पंजीकरण के किसी चरण के दौरान जो फिल्में लघुसूचीयन समिति द्वारा नहीं चुनी जाती हैं, उनके लिए पंजीकरण के उत्तरवर्ती चरणों में पुन: प्रस्ताव भेजा जा सकता है ।

 

(iv)    श्रेणीकरण:

 

(क)   खण्ड 4 के अऩुसार रॉयल्टी के भुगतान के लिए लघुसूचीयन समिति द्वारा चुनी गई फिल्मों का यदि पहले श्रेणीकरण नहीं किया गया है,तो उन्हें श्रेणीकरण के लिए श्रेणीकरण समिति को प्रस्तुत किया जाएगा ।

 

(ख)   समिति निर्धारित मानदंडों और पैरामीटरों के अऩुसार फिल्मों का पूर्वावलोकन करके उनका श्रेणीकरण करेगी ।

 

(ग)    समिति की अध्यक्षता बारी-बारी से उप महानिदेशक स्तर के अधिकारी करेंगे और इसमें बारी-बारी से निदेशक (कार्यक्रम) स्तर का एक अधिकारी, निदेशक (विपणन) अथवा उनके द्वारा नामित कोई अन्य अधिकारी और दो बाह्य विशेषज्ञ, जिनमें से एक विशेषज्ञ महिला होगी, शामिल होंगे

 

(घ)    श्रेणीकरण के लिए श्रेणीकरण समिति को भेजी गई फिल्मों से अर्जित होने वाले अऩुमानित राजस्व का अऩुमान देने की जिम्मेदारी निदेशक (विपणन) की होगी । फिल्म का श्रेणीकरण करते समय समिति इस पहलू को ध्यान में रखेगी ।

 

(ङ)    समिति की सिफारिशें महानिदेशक, दूरदर्शन के माध्यम से मुख्य कार्यकारी अधिकारी, प्रसार भारती को अंतिम अऩुमोदन के लिए प्रस्तुत की जाएंगी ।

 

(च)   अंतिम रूप से अऩुमोदित फिल्मों का अगली तिमाही में प्रसारण के लिए समय निर्धारण किया जाएगा । इस प्रकार की तिमाही कार्यक्रम सारणी तिमाही आरंभ होने से कम से कम 30 दिन पहले तैयार की जाएगी ताकि फिल्मों के प्रचार, प्रोमोशन और विपणन के लिए पर्याप्त समय मिल सके ।

 

6.       अपील:

 

         श्रेणीकरण समिति के किसी भी निर्णय के विरुद्ध अपील की जा सकती है । इस संबंध में आवेदन 10,000/-रुपये (केवल दस हजार रूपए) के अप्रतिदेय शुल्क के साथ दूरदर्शन महानिदेशालय को भेजे जाएंगे । महानिदेशक, दूरदर्शन, उप महानिदेशक स्तर के अधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति गठित करेंगे जिसमें निदेशक (कार्यक्रम) स्तर का एक अधिकारी, निदेशक (विपणन) अथवा उनके द्वारा नामित अन्य अधिकारी और दो बाह्य विशेषज्ञ (एक विशेषज्ञ महिला होगी) शामिल होंगे । इस समिति में न तो वह अध्यक्ष और न ही वे सदस्य होंगे जोकि उस श्रेणीकरण समिति में थे जिसने फिल्म का श्रेणीकरण किया था और जिसके निर्णय के विरुद्ध अपील की गई है । इस समिति की सिफारिश महानिदेशक, दूरदर्शन के माध्यम से मुख्य कार्यकारी अधिकारी, प्रसार भारती को अंतिम निर्णय के लिए प्रस्तुत की जाएगी ।

 

7.       सामान्य

(i)    प्रस्ताव प्रस्तुत करने से पूर्व आवेदक को यह अवश्य सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि उसके द्वारा भेजी गई फिल्में खंड 2(ii)में निर्धारित पात्रता संबंधी मानदंड़ों को पूरा करती हैं और वह खंड 4 में विनिर्दिष्ट रायॅल्टी दर संरचना से सहमत है ।

(ii)    केवल वही फिल्में प्रसारण की पात्र होंगी जिनका खंड 5(iii) और (iv) के अऩुसार लघुसूचीयन और श्रेणीकरण किया जाएगा । प्रस्ताव प्रस्तुत करने मात्र से ही यह नहीं माना जाएगा कि फिल्में दूरदर्शन के किसी चैनल पर प्रसारण करने के लिए स्वीकृत हो गई हैं ।

(iii)   दूरदर्शन के पास बिना कोई कारण बताए किसी फिल्म को अस्वीकृत करने का अधिकार है ।

(iv)   "यू" और "ए" प्रमाणित फिल्में दूरदर्शन के चैनलों पर प्रसारण की पात्र नहीं हैं । केवल ऐसी  फिल्मों के प्रस्ताव ही विचार के लिए भेजे जा सकते हैं जिन्हें केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड से "यू" अथवा  "वी/यू" प्रमाणपत्र मिले हैं । यदि किसी मामले में केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड से बाद में "वी/यू" प्रमाणपत्र प्राप्त किया गया हो तो प्रस्ताव के साथ पूर्ववर्ती प्रमाणपत्र अर्थात "यू/ए" अथवा "ए" की प्रति भी अवश्य संलग्ऩ की जाए ।

(v)    आवेदक यह वचनबंध प्रस्तुत करेगा कि वह डीवीसी प्रो 50 पर अथवा दूरदर्शन द्वारा समय-समय पर निर्धारित किसी अन्य फार्मेट में फिल्म का सर्वोत्तम प्रिंट उपलब्ध कराएगा । निर्धारित तकनीकी मानकों को पूरा न करने पर फिल्म को प्रसारण से हटा लिया जाएगा ।

(vi)   आवेदक 100/- रूपए के स्टांप पेपर पर विधिवत् रूप से नोटरीकृत वचनबंध प्रस्तुत करेगा कि आवेदक द्वारा प्रस्ताव में दी गई सभी जानकारी/दस्तावेज सही हैं । यदि आवेदक द्वारा दी गई कोई जानकारी अथवा दस्तावेज किसी भी समय गलत पाए जाते हैं तो प्रस्ताव को अस्वीकृत कर दिया जाएगा और रायॅल्टी की राशि जब्त कर ली जाएगी । ऐसे आवेदक के विरुद्ध आपराधिक मुकदमा भी चलाया जा सकता है ।

(vii)   आवेदक, दूरदर्शन के खिलाफ फिल्म के प्रसारण/प्रस्तावित प्रसारण के संबंध में किसी भी प्रकार की मानहानि, ऩिंदा, कॉपीराइट अथवा पेटेंट के अतिलंघन, लागत, हानि आदि के लिए किसी व्यक्ति अथवा मुकद्दमेबाजी द्वारा किए गए किसी दावे अथवा मांगों के विरुद्ध दूरदर्शन की क्षतिपूर्ति करेगा 

(viii)  आवेदक फिल्म के उचित प्रचार के लिए दूरदर्शन को प्रचार सामग्री अर्थात् स्टिल्स, प्रोमो आदि भी उपलब्ध कराएगा ।

(ix)   दूरदर्शन के पास वाणिज्यिक दोहन के लिए फिल्म का किसी भी प्रकार से, जैसा वह उचित समझे,प्रयोग करने का पूर्ण अधिकार होगा जिसमें प्रायोजकताओं को स्वीकार करना, फिल्म के प्रसारण से पहले, उसके दौरान और बाद में विज्ञापन प्रसारित करना, प्रतियोगिताएं आयोजित करना और एसएमएस के माध्यम से दर्शकों की प्रतिक्रियाएं आमंत्रित करना शामिल है परंतु यह अधिकार इन तक ही सीमित नहीं है अधिकारधारक/आवेदक दूरदर्शन द्वारा इस प्रकार के वाणिज्यिक दोहन से अर्जित राजस्व के संबंध में न तो कोई आपत्ति उठा सकता है और न ही इस राजस्व में से किसी प्रकार के हिस्से का हकदार होगा ।

(x)    दूरदर्शन अपने विवेकाधिकार पर किसी फिल्म के अधिकारधारक के नाम में बदलाव से संबंधित अऩुरोध पर विचार कर सकता है । इस प्रकार के आवेदन निर्धारित फार्मेट में क्षतिपूर्ति बंधपत्र, निर्धारित फार्मेट में शपथपत्र, लिंक करारों और 10,000/- रुपये (केवल दस हजार रुपये) के अप्रतिदेय प्रक्रिया शुल्क के साथ प्रस्तुत किए जाने चाहिएं ।

(xi)   कार्यक्रम की तात्कालिक आवश्यकताओं और परिस्थितियों में बदलाव होने पर दूरदर्शन के पास निर्धारित फिल्म के प्रसारण का समय पुनर्ऩिर्धारित करने अथवा उसे स्थगित करने अथवा उसे रद्द करने का अधिकार होगा ।

(xii)   इस योजना के अंतर्गत अन्य भाषाओं से हिंदी में डब की गई फिल्मों के प्रसारण के प्रस्तावों पर विचार नहीं किया जाएगा ।

8.    छूट:

         इन दिशा-निर्देशों में किसी बात के होते हुए भी दूरदर्शन, इस योजना के अंतर्गत दूरदर्शन के एक अथवा अधिक चैनलों पर फिल्म अथवा किसी विशिष्ट विषय या थीम पर फिल्मों के पैकेज के प्रसारण के किसी भी प्रस्ताव को अधिकार-प्राप्त समिति जिसके अध्यक्ष मुख्य कार्यकारी अधिकारी होंगे और जिसमें महानिदेशक, दूरदर्शन तथा महानिदेशक, आकाशवाणी शामिल होंगे, के पूर्वाऩुमोदन से इन दिशा निर्देशों के किसी भी उपबंध में छूट देते हुए स्वीकार कर सकता है।

9.       घोषणा, नोटिस और तारीख की अनुसूची ।

10.      अटैंडम

11.      2002 से आगे निर्मित हिंदी फीचर फिल्म के लिए आवेदन पत्र ।

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