निर्माताओं को काली सूची में डालना


दूरदर्शन भवन,
कॉपरनिकस मार्ग,
नई दिल्ली- 110001
ईमेल:
webadmin@dd.nic.in



निर्माताओं को काली सूची में डालना

निर्माताओं को काली सूची में डालना

 

प्रसार भारती

(भारतीय प्रसारण निगम)

दूरदर्शन महानिदेशालय: दूरदर्शन भवन

कॉपरनिकस मार्ग, नई दिल्ली

 

सं 27/26/2006-पी-4                                               दिनांक 29.04.2010

 

परिपत्र

 

      सक्षम प्राधिकारी द्वारा निम्नलिखित फर्मों को 26.04.2010 से दो वर्षों के लिए काली सूची में डाल दिया गया है और इस अवधि के दौरान इनका दूरदर्शन के साथ कोई भी कार्य व्यवहार करना प्रतिबंधित किया जाता है ।

 

       सूचना और गंभीरता से अनुपालन के लिए ।

 

       विवरण निम्नानुसार है:-

 

नाम और पता                               अवधि

1. सुश्री रमा दीपक,                                 26.4.2010 से दो वर्ष के लिए

  मै. तिरूपति प्रोडक्शंस,

  ई-98, कमला नगर,

  दिल्ली-110007

 

2. श्री नंदन शर्मा,                                  26.4.2010 से दो वर्ष के लिए

   मै. मेघना यू मैटिक विजन

  138, मैत्री अपार्टमेंट,

  दिल्ली-110092

 

(दीपा चंद्रा)

प्रभारी उप महानिदेशक (कार्यक्रम)

 

 

 

 

 


प्रसार भारती

(भारतीय प्रसारण निगम)

दूरदर्शन महानिदेशालय: दूरदर्शन भवन

कॉपरनिकस मार्ग, नई दिल्ली

 

सं 27/26/2006-पी-4                                             दिनांक 18.03.2010

 

परिपत्र

 

      सक्षम प्राधिकारी द्वारा निम्नलिखित फर्मों को 16.03.2010 से दो वर्षों के लिए काली सूची में डाल दिया गया है और इस अवधि के दौरान इनका दूरदर्शन के साथ कोई भी कार्य व्यवहार करना प्रतिबंधित किया जाता है ।

 

       सूचना और कड़ाई से अनुपालन के लिए ।

 

       विवरण निम्नानुसार है:-

 

    नाम और पता                                         अवधि

1. श्री सुधीर सिंह जामावाल,                          16.3.2010 से दो वर्ष के लिए

  मै. एस्ट्रा प्रोडक्शंस,

  151-एफ, दूरदर्शन लेन,

  पुराना जानीपुर, जम्मू (जे.एंड के.)

 

 

 

 

(दीपा चंद्रा)

प्रभारी उप महानिदेशक (कार्यक्रम)

 


प्रसार भारती

(भारतीय प्रसारण निगम)

दूरदर्शन महानिदेशालय

----

दूरदर्शन भवन, कॉपरनिकस मार्ग,

नई दिल्ली, दिनांक 8 मई, 2007

 

फा. सं. 2/322/06-यू.सी.

 

श्री रोशन लाल

मैसर्स जाहन्वी प्रोडक्शन

210, अवंती, कौशाम्बी,

गाजियाबाद

 

विषय: निर्माताओं को कालीसूची में डालने के बारे में ।

 

संदर्भ: सॉफ्टवेयर के अर्जन के लिए दिनांक 24.1.2006 की अधिसूचना के उत्तर में प्रस्तुत किया गया आपका प्रस्ताव संख्या "शून्य", दिनांक 24.2.2006 ।

 

o              दूरदर्शन द्वारा सॉफ्टवेयर के अर्जन संबंधी दिशा-निर्देशों में दिए गए प्रावधानों के अनुसार अन्य बातों के साथ-साथ आपको डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से 10,000 रुपए का अप्रतिदेय प्रक्रिया शुल्क प्रस्तुत करना था ।

o              डिमांड ड्राफ्ट की बजाय आपने उक्त प्रक्रिया शुल्क पंजाब नेशनल बैंक के चैक सं. 423697, दिनांक 24.2.2006 के द्वारा प्रस्तुत करना पसंद किया ।

o              दूरदर्शन ने आपकी विश्वसनीयता को स्वीकार करते हुए आपके चैक कोसकारने (ऑनर) का प्रयास किया और तदनुसार इसे प्रसार भारती के खाते में जमा कराने के लिए बैंक भेज दिया ।

o              उक्त चैक आपके खाते में पर्याप्त राशि उपलब्ध न होने के कारण अस्वीकृत (बाउंस) हो  गया ।

o              उक्त चैक के अस्वीकृत (बाउंस) हो जाने पर भारतीय पराक्रम्य लिखत अधिनियम के तहत कार्रवाई अपेक्षित है ।

o              आपके खाते में पर्याप्त राशि न होते हुए दिनांक 24.2.2006 का चैक जारी करने के संबंध में आपसे अपना बचाव करने का अनुरोध किया गया था, परन्तु आप ऐसा करने में असफल रहे ।

o              सक्षम प्राधिकारी द्वारा उपर्युक्त तथ्यों को ध्यान मे ंरखते हुए मामले पर विचार किया गया  है ।

o              अत: इस प्रकार के मामले में और अनुशासनहीनता एवं कपट के मामले में की जाने वाली समुचित कार्रवाई के लिए महानिदेशक दूरदर्शन के पास निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए आपकी कंपनी अर्थात् मैसर्स जाहन्वी प्रोडक्शन को काली सूची में डालने तथा उस पर दूरदर्शन के साथ आगे कोई भी लेन-देन करने पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया है ।

 

इसे सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन से जारी किया गया है ।

 

(सुभाष कुमार)

अनुभाग अधिकारी (पीजी-VIII)

कृते महानिदेशक

 

प्रतिलिपि निम्नलिखित को प्रेषित:-

 

i  सभी दूरदर्शन केन्द्रों के प्रमुख ।

ii  चैनल प्रबंधक, डीडी नेशनल/डीडी इंडिया/डीडी भारती/डीडी स्पोर्ट्स/डीडी उर्दू ।

iii  दूरदर्शन महानिदेशालय में सभी उप महानिदेशक/वरिष्ठ निदेशक कार्यक्रम/निदेशक कार्यक्रम/उप निदेशक कार्यक्रम ।

iv  उप महानिदेशक (प्रशा.)/निदेशक (प्रशा.)/निदेशक (विज्ञापन और विक्रय)/निदेशक (विपणन) मुंबई को सूचना एवं मामले में आवश्यक कार्रवाई हेतु ।

 

प्रति निम्नलिखित को सूचनार्थ प्रेषित:-

i  अपर महानिदेशक (वित्त)/उप महानिदेशक (पीजी VIII)

ii  महानिदेशक के निजी सचिव ।


प्रसार भारती

(भारतीय प्रसारण निगम)

दूरदर्शन महानिदेशालय

----

दूरदर्शन भवन, कॉपरनिकस मार्ग,

नई दिल्ली, दिनांक 8 मई, 2007

 

फा. सं. 2/322/06-यू.सी.

 

श्री योगेश कुमार

मैसर्स टुडे विजन

216 बी, झिलमिल

डीडीए फ्लैट्स,

दिल्ली-95

 

विषय: निर्माताओं को कालीसूची में डालने के बारे में ।

 

संदर्भ: सॉफ्टवेयर के अर्जन के लिए दूरदर्शन की दिनांक 24.1.2006 की अधिसूचना के उत्तर में प्रस्तुत किया गया आपका प्रस्ताव संख्या "शून्य" दिनांक "शून्य" ।

 

o                    दूरदर्शन द्वारा सॉफ्टवेयर के अर्जन संबंधी दिशा-निर्देशों में दिए गए प्रावधानों के अनुसार अन्य बातों के साथ-साथ आपको डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से 10,000 रुपए का अप्रतिदेय प्रक्रिया शुल्क प्रस्तुत करना था ।

o                    डिमांड ड्राफ्ट की बजाय आपने उक्त प्रक्रिया शुल्क पंजाब नेशनल बैंक के चैक सं. 423698, दिनांक 24.2.2006 के द्वारा प्रस्तुत करना पसंद किया ।

o                    दूरदर्शन ने आपकी विश्वसनीयता को स्वीकार करते हुए आपके चैक को सकारने (ऑनर) का प्रयास किया और तदनुसार इसे प्रसार भारती के खाते में जमा कराने के लिए बैंक भेज दिया ।

o                    उक्त चैक आपके खाते में पर्याप्त राशि उपलब्ध न होने के कारण अस्वीकृत (बाउंस) हो गया ।

o                    उक्त चैक के अस्वीकृत (बाउंस) हो जाने पर भारतीय पराक्रम्य लिखत अधिनियम के तहत कार्रवाई अपेक्षित है ।

o                    आपके खाते में पर्याप्त राशि न होते हुए भी दिनांक 24.2.2006 का चैक जारी करने के संबंध में आपसे अपना बचाव करने का अनुरोध किया गया था ।

o                    आपके दिनांक 20.07.2006 के स्पष्टीकरण की जांच की गई है परन्तु वह अपूर्ण एवं झूठी वरीयता वाला पाया गया है ।

o                    अत: इस प्रकार के मामले में और अनुशासनहीनता एवं कपट के मामले में की जाने वाली समुचित कार्रवाई के लिए महानिदेशक दूरदर्शन के पास निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए आपकी कंपनी अर्थात् मैसर्स टुडेविजन को काली सूची में डालने तथा उस पर दूरदर्शन के साथ आगे कोई भी लेनदेन करने पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया  है ।

 

इसे सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन से जारी किया गया है ।

 

(सुभाष कुमार

अनुभाग अधिकारी (पीजी-VIII)

कृते महानिदेशक

 

प्रतिलिपि निम्नलिखित को प्रेषित:-

 

i  सभी दूरदर्शन केन्द्रों के प्रमुख ।

ii  चैनल प्रबंधक, डीडी नेशनल/डीडी इंडिया/डीडी भारती/डीडी स्पोर्ट्स/डीडी उर्दू ।

iii  दूरदर्शन महानिदेशालय में सभी उप महानिदेशक/वरिष्ठ निदेशक कार्यक्रम/निदेशक कार्यक्रम/उप निदेशक कार्यक्रम ।

iv  उप महानिदेशक (प्रशा.)/निदेशक (प्रशा.)/निदेशक (विज्ञापन और विक्रय)/निदेशक (विपणन) मुंबई को सूचना एवं मामले में आवश्यक कार्रवाई हेतु ।

 

प्रति निम्नलिखित को सूचनार्थ प्रेषित:-

i  अपर महानिदेशक (वित्त)/उप महानिदेशक (पीजी-VIII)

ii  मुख्य कार्यकारी अधिकारी के निजी सचिव, महानिदेशक, दूरदर्शन के निजी सचिव ।

 

प्रसार भारती

(भारतीय प्रसारण निगम)

दूरदर्शन महानिदेशालय, दूरदर्शन भवन,

कॉपरनिकस मार्ग, नई दिल्ली

.....

फा.सं. 27/1137/2007-पी-IV                        दिनांक : 13.04.2009

 

श्री दीपक भारद्वाज,

मैसर्स वैष्णु फिल्म्स,

डी-899, ग्राउंड फ्लोर, टाइप-,

पॉकेट-III, ईएचएस, बिंदापुर,

डीडीए फ्लैट्स, द्वारका प्रोजेक्ट,

नई दिल्ली-110059

 

विषय :  अल्पकालीन अर्जन 2006-07 योजना के तहत "हमारे हुनरमंद दस्तकार" प्रस्ताव के बारे में

 

संदर्भ : सॉफ्टवेयर के अर्जन के लिए दूरदर्शन की दिनांक 15.12.2006 की अधिसूचना के संदर्भ में प्रस्तुत किया गया आपका दिनांक 15.01.2007 का प्रस्ताव

 

*    दूरदर्शन द्वारा सॉफ्टवेयर के अर्जन संबंधी दिशा-निर्देशों में दिए गए प्रावधानों के अनुसार आपको डीवीसी प्रो फार्मेट में कार्यक्रम प्रस्तुत करने थे

 

*    आपको टेप प्रस्तुत करके कार्यक्रमों के साफ्टवेयर प्रस्तुत करने थे यह देखकर हम स्तब्ध रह गए कि आपने खाली (ब्लैंक) टेप प्रस्तुत कर दिए, जिसका कारण आप स्वयं भली-भांति जानते हैं इससे स्पष्ट रूप से यह पता चलता है कि आपका इरादा दूरदर्शन के प्राधिकारियों को धोखा देने का था आपके इस कृत्य से आपके विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 468, 472/511 के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज करने का मामला बनता है

 

*    परन्तु नरम रुख अपनाते हुए दूरदर्शन का आपके विरुद्ध फिलहाल कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज करने का इरादा नहीं है इस प्रकार की अनुशानहीनता तथा धोखेबाजी/छल-कपट के मामलों में की जाने वाली समुचित कार्रवाई के लिए महानिदेशक, दूरदर्शन के पास विहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए आपकी कंपनी अर्थात् मैसर्स वैष्णु फिल्म्स, नई दिल्ली, इसके मालिक/साझीदार/निदेशक पर इसी नाम एवं शीर्ष के तहत अथवा किसी अन्य नाम के तहत इस पत्र के जारी होने की तारीख से दो वर्ष की अवधि के लिए प्रतिबंध लगाने और उक्त अवधि के दौरान दूरदर्शन के साथ कोई लेन-देन करने पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है

 

     इसे सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन से जारी किया जाता है

 

 

               (वजीर सिंह)

अनुभाग अधिकारी

 

 

प्रतिलिपि प्रेषित :-

 

1.     मुख्य सतर्कता अधिकारी, प्रसार भारती

2.     सभी दूरदर्शन केंद्रों के प्रमुख

3.     मुख्य कार्यकारी अधिकारी के विशेष कार्याधिकारी (डीएम)

4.     चैनल प्रबंधक, डीडी नेशनल/डीडी इंडिया/डीडी भारती/डीडी स्पोर्ट्स/डीडी उर्दू/डीडी-कशीर/डीडी-एनई

5.     सभी उप महानिदेशक/वरिष्ठ निदेशक (कार्यक्रम)/उप निदेशक (कार्यक्रम),दूरदर्शन महानिदेशालय

6.     सुश्री वी. सेखोशे, उप महानिदेशक (.पू.क्षेत्र), गुवाहाटी

7.     अपर महानिदेशक (प्रशा. एवं वित्त), उप महानिदेशक (प्रशा.)/वरिष्ठ सतर्कता अधिकारी, अनुभाग अधिकारी (सतर्कता)/निदेशक (सी एंड एस)/उप महानिदेशक (विपणन), मुम्बई

8.     एनआईसी को इस अनुरोध के साथ प्रेषित कि इसे दूरदर्शन की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाए

9.     मुख्य कार्यकारी अधिकारी, प्रसार भारती और महानिदेशक, दूरदर्शन के निजी  सचिव                                                                                               


 

प्रसार भारती

(भारतीय प्रसारण निगम)

दूरदर्शन महानिदेशालय, दूरदर्शन भवन,

कॉपरनिकस मार्ग, नई दिल्ली

.....

 

फा.सं. 27/1191/2007-पी-IV                                      दिनांक : 15.04.2009

 

श्री पी.के. श्रीवास्तव,

मैसर्स रेनबो फिल्म्स,

बी-37, स्वामी नगर,

नई दिल्ली-110 017

 

विषय :  अल्पकालीन अर्जन 2006-07 योजना के तहत "आज का फनकार" प्रस्ताव के बारे में

 

संदर्भ : सॉफ्टवेयर के अर्जन के लिए दूरदर्शन की दिनांक 15.12.2006 की अधिसूचना के संदर्भ में प्रस्तुत किया गया आपका दिनांक 15.01.2007 का प्रस्ताव

 

*    दूरदर्शन द्वारा सॉफ्टवेयर के अर्जन संबंधी दिशा-निर्देशों में दिए गए प्रावधानों के अनुसार आपको डीवीसी प्रो फार्मेट में कार्यक्रम प्रस्तुत करने थे

 

*    आपको टेप प्रस्तुत करके कार्यक्रमों के साफ्टवेयर प्रस्तुत करने थे यह देखकर हम स्तब्ध रह गए कि आपने रिपीट टेप प्रस्तुत कर दिए, जिसका कारण आप स्वयं भली-भांति जानते हैं इससे स्पष्ट रूप से यह पता चलता है कि आपका इरादा दूरदर्शन के प्राधिकारियों को धोखा देने का था आपके इस कृत्य से आपके विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 468, 472/511 के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज करने का मामला बनता है

 

*    परन्तु नरम रुख अपनाते हुए दूरदर्शन का आपके विरुद्ध फिलहाल कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज करने का इरादा नहीं है इस प्रकार की अनुशानहीनता तथा धोखेबाजी/ छल-कपट के मामलों में की जाने वाली समुचित कार्रवाई के लिए महानिदेशक, दूरदर्शन के पास विहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए आपकी कंपनी अर्थात् मैसर्स रेनबो फिल्म्स, नई दिल्ली, इसके मालिक/साझीदार/निदेशक पर इसी नाम एवं शीर्ष के तहत अथवा किसी अन्य नाम के तहत इस पत्र के जारी होने की तारीख से दो वर्ष की अवधि के लिए प्रतिबंध लगाने और उक्त अवधि के दौरान दूरदर्शन के साथ कोई लेन-देन करने पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है

 

     इसे सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन से जारी किया जाता है

 

                  (वजीर सिंह)

अनुभाग अधिकारी

 

प्रतिलिपि प्रेषित :-

 

1.     मुख्य सतर्कता अधिकारी, प्रसार भारती

2.     सभी दूरदर्शन केंद्रों के प्रमुख

3.     मुख्य कार्यकारी अधिकारी के विशेष कार्याधिकारी (डीएम)

4.     चैनल प्रबंधक, डीडी नेशनल/डीडी इंडिया/डीडी भारती/डीडी स्पोर्ट्स /डीडी उर्दू/डीडी-कशीर/

डीडी-एनई

5.     सभी उप महानिदेशक/वरिष्ठ निदेशक (कार्यक्रम)/उप निदेशक (कार्यक्रम),दूरदर्शन महानिदेशालय

6.     सुश्री वी. सेखोशे, उप महानिदेशक (.पू.क्षेत्र), गुवाहाटी

7.     अपर महानिदेशक (प्रशा. एवं वित्त), उप महानिदेशक (प्रशा.)/वरिष्ठ सतर्कता अधिकारी, अनुभाग अधिकारी (सतर्कता)/निदेशक (सी एंड एस)/उप महानिदेशक (विपणन), मुम्बई

8.     एनआईसी को इस अनुरोध के साथ प्रेषित कि इसे दूरदर्शन की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाए

9.     मुख्य कार्यकारी अधिकारी, प्रसार भारती और महानिदेशक, दूरदर्शन के निजी सचिव                                                                                                     

                                                                        

  

 प्रसार भारती

(भारतीय प्रसारण निगम)

दूरदर्शन महानिदेशालय, दूरदर्शन भवन,

कॉपरनिकस मार्ग, नई दिल्ली

.....

 

फा.सं. 27/1094/2007-पी-IV                                    दिनांक : 16.04.2009

 

सर्वश्री तलत सैयद और जावेद खान,

मैसर्स मैजिक वर्क्स,

ब्लाक . बी, फ्लेट . 6,

वर्सोबा हेवन, जे.पी. रोड,

सेवन बंगला, अंधेरी (वेस्ट),

मुंबई-400 063

 

विषय :  अल्पकालीन अर्जन 2006-07 योजना के तहत "मिजां" प्रस्ताव के बारे में

 

संदर्भ : सॉफ्टवेयर के अर्जन के लिए दूरदर्शन की दिनांक 15.12.2006 की अधिसूचना के संदर्भ में प्रस्तुत किया गया आपका दिनांक 15.01.2007 का प्रस्ताव

 

*    दूरदर्शन द्वारा सॉफ्टवेयर के अर्जन संबंधी दिशा-निर्देशों में दिए गए प्रावधानों के अनुसार आपको डीवीसी प्रो फार्मेट में कार्यक्रम प्रस्तुत करने थे

 

*    आपको टेप प्रस्तुत करके कार्यक्रमों के साफ्टवेयर प्रस्तुत करने थे यह देखकर हम स्तब्ध रह गए कि आपने खाली (ब्लैंक) टेप प्रस्तुत कर दिए, जिसका कारण आप स्वयं भली-भांति जानते हैं इससे स्पष्ट रूप से यह पता चलता है कि आपका इरादा दूरदर्शन के प्राधिकारियों को धोखा देने का था आपके इस कृत्य से आपके विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 468, 472/511 के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज करने का मामला बनता है

 

*    परन्तु नरम रुख अपनाते हुए दूरदर्शन का आपके विरुद्ध फिलहाल कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज करने का इरादा नहीं है इस प्रकार की अनुशानहीनता तथा धोखेबाजी/छल-कपट के मामलों में की जाने वाली समुचित कार्रवाई के लिए महानिदेशक, दूरदर्शन के पास विहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए आपकी कंपनी अर्थात् मैसर्स मैजिक वर्क्स, मुंबई इसके मालिक/साझीदार/निदेशक पर इसी नाम एवं शीर्ष के तहत अथवा किसी अन्य नाम के तहत इस पत्र के जारी होने की तारीख से दो वर्ष की अवधि के लिए प्रतिबंध लगाने और उक्त अवधि के दौरान दूरदर्शन के साथ कोई लेन-देन करने पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है

 

   इसे सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन से जारी किया जाता है

 

                                                                       (वजीर सिंह)

अनुभाग अधिकारी

 

 

प्रतिलिपि प्रेषित :-

 

1.     मुख्य सतर्कता अधिकारी, प्रसार भारती

2.     सभी दूरदर्शन केंद्रों के प्रमुख

3.     मुख्य कार्यकारी अधिकारी के विशेष कार्याधिकारी (डीएम)

4.     चैनल प्रबंधक, डीडी नेशनल/डीडी इंडिया/डीडी भारती/डीडी स्पोर्ट्स/डीडी उर्दू/डीडी-कशीर/

डीडी-एनई

5.     सभी उप महानिदेशक/वरिष्ठ निदेशक (कार्यक्रम)/उप निदेशक (कार्यक्रम),दूरदर्शन महानिदेशालय

6.     सुश्री वी. सेखोशे, उप महानिदेशक (.पू.क्षेत्र), गुवाहाटी

7.     अपर महानिदेशक (प्रशा. एवं वित्त), उप महानिदेशक (प्रशा.)/वरिष्ठ सतर्कता अधिकारी, अनुभाग अधिकारी (सतर्कता)/निदेशक (सी एंड एस)/उप महानिदेशक (विपणन), मुम्बई

8.     एनआईसी को इस अनुरोध के साथ प्रेषित कि इसे दूरदर्शन की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाए

 9   मुख्य कार्यकारी अधिकारी, प्रसार भारती और महानिदेशक, दूरदर्शन के निजी सचिव      

 

 

 

 

 

 

प्रसार भारती

(भारतीय प्रसारण निगम)

दूरदर्शन महानिदेशालय, दूरदर्शन भवन,

कॉपरनिकस मार्ग, नई दिल्ली

.....

फा.सं. 27/1187/2007-पी-IV                                      दिनांक : 15.04.2009

 

सुश्री मधु राणे,

मैसर्स मैटरिक्स एंटरटेनमेंट,

जे-48, पांडव नगर, मदर डेयरी के सामने,

दिल्ली-110 092

 

विषय :  अल्पकालीन अर्जन 2006-07 योजना के तहत "अंदाजे-गुफ्तगू" प्रस्ताव के बारे में

 

संदर्भ : सॉफ्टवेयर के अर्जन के लिए दूरदर्शन की दिनांक 15.12.2006 की अधिसूचना के संदर्भ में प्रस्तुत किया गया आपका दिनांक 15.01.2007 का प्रस्ताव

 

*    दूरदर्शन द्वारा सॉफ्टवेयर के अर्जन संबंधी दिशा-निर्देशों में दिए गए प्रावधानों के अनुसार आपको डीवीसी प्रो फार्मेट में कार्यक्रम प्रस्तुत करने थे

 

*    आपको टेप प्रस्तुत करके कार्यक्रमों के साफ्टवेयर प्रस्तुत करने थे यह देखकर हम स्तब्ध रह गए कि आपने खाली (ब्लैंक) टेप प्रस्तुत कर दिए, जिसका कारण आप स्वयं भली-भांति जानते हैं इससे स्पष्ट रूप से यह पता चलता है कि आपका इरादा दूरदर्शन के प्राधिकारियों को धोखा देने का था आपके इस कृत्य से आपके विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 468, 472/511 के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज करने का मामला बनता है

 

*    परन्तु नरम रुख अपनाते हुए दूरदर्शन का आपके विरुद्ध फिलहाल कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज करने का इरादा नहीं है इस प्रकार की अनुशानहीनता तथा धोखेबाजी/ छल-कपट के मामलों में की जाने वाली समुचित कार्रवाई के लिए महानिदेशक, दूरदर्शन के पास विहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए आपकी कंपनी अर्थात् मैसर्स मैटरिक्स एंटरटेनमेंट, नई दिल्ली, इसके मालिक/साझीदार/निदेशक पर इसी नाम एवं शीर्ष के तहत अथवा किसी अन्य नाम के तहत इस पत्र के जारी होने की तारीख से दो वर्ष की अवधि के लिए प्रतिबंध लगाने और उक्त अवधि के दौरान दूरदर्शन के साथ कोई लेन-देन करने पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है

 

     इसे सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन से जारी किया जाता है

 

                                                                       (वजीर सिंह)

अनुभाग अधिकारी

 

प्रतिलिपि प्रेषित :-

 

1.     मुख्य सतर्कता अधिकारी, प्रसार भारती

2.     सभी दूरदर्शन केंद्रों के प्रमुख

3.     मुख्य कार्यकारी अधिकारी के विशेष कार्याधिकारी (डीएम)

4.     चैनल प्रबंधक, डीडी नेशनल/डीडी इंडिया/डीडी भारती/डीडी स्पोर्ट्स/डीडी उर्दू/डीडी-कशीर/

  डीडी-एनई

5.     सभी उप महानिदेशक/वरिष्ठ निदेशक (कार्यक्रम)/उप निदेशक (कार्यक्रम),दूरदर्शन महानिदेशालय

6.     सुश्री वी. सेखोशे, उप महानिदेशक (.पू.क्षेत्र), गुवाहाटी

7.     अपर महानिदेशक (प्रशा. एवं वित्त), उप महानिदेशक (प्रशा.)/वरिष्ठ सतर्कता अधिकारी, अनुभाग अधिकारी (सतर्कता)/निदेशक (सी एंड एस)/उप महानिदेशक (विपणन), मुम्बई

8.     एनआईसी को इस अनुरोध के साथ प्रेषित कि इसे दूरदर्शन की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाए

      9   मुख्य कार्यकारी अधिकारी, प्रसार भारती और महानिदेशक, दूरदर्शन के निजी सचिव             

 

 

 

 

प्रसार भारती

(भारतीय प्रसारण निगम)

दूरदर्शन महानिदेशालय, दूरदर्शन भवन,

कॉपरनिकस मार्ग, नई दिल्ली

.....

फा.सं. 27/1324/2007-पी-IV                                      दिनांक : 13.04.2009

 

श्री संदीप ग्रोवर,

मैसर्स श्रेय मीडिया एंटरटेनमेंट्स,

-2/49, आशीर्वाद अपार्टमेंट्स,

पश्चिम विहार, नई दिल्ली-110063

 

विषय :अल्पकालीन