प्रसार भारती
(भारतीय प्रसारण निगम)
दूरदर्शन महानिदेशालय, दूरदर्शन भवन,
कॉपरनिकस मार्ग, नई दिल्ली
.....
फा.सं. 27/1137/2007-पी-IV दिनांक : 13.04.2009
श्री दीपक भारद्वाज,
मैसर्स वैष्णु फिल्म्स,
डी-899, ग्राउंड फ्लोर, टाइप-ए,
पॉकेट-III, ईएचएस, बिंदापुर,
डीडीए फ्लैट्स, द्वारका प्रोजेक्ट,
नई दिल्ली-110059 ।
विषय : अल्पकालीन अर्जन 2006-07 योजना के तहत "हमारे हुनरमंद दस्तकार" प्रस्ताव के बारे में ।
संदर्भ : सॉफ्टवेयर के अर्जन के लिए दूरदर्शन की दिनांक 15.12.2006 की अधिसूचना के संदर्भ में प्रस्तुत किया गया आपका दिनांक 15.01.2007 का प्रस्ताव ।
* दूरदर्शन द्वारा सॉफ्टवेयर के अर्जन संबंधी दिशा-निर्देशों में दिए गए प्रावधानों के अनुसार आपको डीवीसी प्रो फार्मेट में कार्यक्रम प्रस्तुत करने थे ।
* आपको टेप प्रस्तुत करके कार्यक्रमों के साफ्टवेयर प्रस्तुत करने थे । यह देखकर हम स्तब्ध रह गए कि आपने खाली (ब्लैंक) टेप प्रस्तुत कर दिए, जिसका कारण आप स्वयं भली-भांति जानते हैं । इससे स्पष्ट रूप से यह पता चलता है कि आपका इरादा दूरदर्शन के प्राधिकारियों को धोखा देने का था । आपके इस कृत्य से आपके विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 468, 472/511 के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज करने का मामला बनता है ।
* परन्तु नरम रुख अपनाते हुए दूरदर्शन का आपके विरुद्ध फिलहाल कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज करने का इरादा नहीं है । इस प्रकार की अनुशानहीनता तथा धोखेबाजी/छल-कपट के मामलों में की जाने वाली समुचित कार्रवाई के लिए महानिदेशक, दूरदर्शन के पास विहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए आपकी कंपनी अर्थात् मैसर्स वैष्णु फिल्म्स, नई दिल्ली, इसके मालिक/साझीदार/निदेशक पर इसी नाम एवं शीर्ष के तहत अथवा किसी अन्य नाम के तहत इस पत्र के जारी होने की तारीख से दो वर्ष की अवधि के लिए प्रतिबंध लगाने और उक्त अवधि के दौरान दूरदर्शन के साथ कोई लेन-देन करने पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है ।
इसे सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन से जारी किया जाता है ।
(वजीर सिंह)
अनुभाग अधिकारी
प्रतिलिपि प्रेषित :-
1. मुख्य सतर्कता अधिकारी, प्रसार भारती ।
2. सभी दूरदर्शन केंद्रों के प्रमुख ।
3. मुख्य कार्यकारी अधिकारी के विशेष कार्याधिकारी (डीएम) ।
4. चैनल प्रबंधक, डीडी नेशनल/डीडी इंडिया/डीडी भारती/डीडी स्पोर्ट्स/डीडी उर्दू/डीडी-कशीर/डीडी-एनई ।
5. सभी उप महानिदेशक/वरिष्ठ निदेशक (कार्यक्रम)/उप निदेशक (कार्यक्रम),दूरदर्शन महानिदेशालय ।
6. सुश्री वी. सेखोशे, उप महानिदेशक (उ.पू.क्षेत्र), गुवाहाटी ।
7. अपर महानिदेशक (प्रशा. एवं वित्त), उप महानिदेशक (प्रशा.)/वरिष्ठ सतर्कता अधिकारी, अनुभाग अधिकारी (सतर्कता)/निदेशक (सी एंड एस)/उप महानिदेशक (विपणन), मुम्बई ।
8. एनआईसी को इस अनुरोध के साथ प्रेषित कि इसे दूरदर्शन की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाए ।
9. मुख्य कार्यकारी अधिकारी, प्रसार भारती और महानिदेशक, दूरदर्शन के निजी सचिव ।
प्रसार भारती
(भारतीय प्रसारण निगम)
दूरदर्शन महानिदेशालय, दूरदर्शन भवन,
कॉपरनिकस मार्ग, नई दिल्ली
.....
फा.सं. 27/1191/2007-पी-IV दिनांक : 15.04.2009
श्री पी.के. श्रीवास्तव,
मैसर्स रेनबो फिल्म्स,
बी-37, स्वामी नगर,
नई दिल्ली-110 017 ।
विषय : अल्पकालीन अर्जन 2006-07 योजना के तहत "आज का फनकार" प्रस्ताव के बारे में ।
संदर्भ : सॉफ्टवेयर के अर्जन के लिए दूरदर्शन की दिनांक 15.12.2006 की अधिसूचना के संदर्भ में प्रस्तुत किया गया आपका दिनांक 15.01.2007 का प्रस्ताव ।
* दूरदर्शन द्वारा सॉफ्टवेयर के अर्जन संबंधी दिशा-निर्देशों में दिए गए प्रावधानों के अनुसार आपको डीवीसी प्रो फार्मेट में कार्यक्रम प्रस्तुत करने थे ।
* आपको टेप प्रस्तुत करके कार्यक्रमों के साफ्टवेयर प्रस्तुत करने थे । यह देखकर हम स्तब्ध रह गए कि आपने रिपीट टेप प्रस्तुत कर दिए, जिसका कारण आप स्वयं भली-भांति जानते हैं । इससे स्पष्ट रूप से यह पता चलता है कि आपका इरादा दूरदर्शन के प्राधिकारियों को धोखा देने का था । आपके इस कृत्य से आपके विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 468, 472/511 के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज करने का मामला बनता है ।
* परन्तु नरम रुख अपनाते हुए दूरदर्शन का आपके विरुद्ध फिलहाल कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज करने का इरादा नहीं है । इस प्रकार की अनुशानहीनता तथा धोखेबाजी/ छल-कपट के मामलों में की जाने वाली समुचित कार्रवाई के लिए महानिदेशक, दूरदर्शन के पास विहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए आपकी कंपनी अर्थात् मैसर्स रेनबो फिल्म्स, नई दिल्ली, इसके मालिक/साझीदार/निदेशक पर इसी नाम एवं शीर्ष के तहत अथवा किसी अन्य नाम के तहत इस पत्र के जारी होने की तारीख से दो वर्ष की अवधि के लिए प्रतिबंध लगाने और उक्त अवधि के दौरान दूरदर्शन के साथ कोई लेन-देन करने पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है ।
इसे सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन से जारी किया जाता है ।
(वजीर सिंह)
अनुभाग अधिकारी
प्रतिलिपि प्रेषित :-
1. मुख्य सतर्कता अधिकारी, प्रसार भारती ।
2. सभी दूरदर्शन केंद्रों के प्रमुख ।
3. मुख्य कार्यकारी अधिकारी के विशेष कार्याधिकारी (डीएम) ।
4. चैनल प्रबंधक, डीडी नेशनल/डीडी इंडिया/डीडी भारती/डीडी स्पोर्ट्स /डीडी उर्दू/डीडी-कशीर/
डीडी-एनई ।
5. सभी उप महानिदेशक/वरिष्ठ निदेशक (कार्यक्रम)/उप निदेशक (कार्यक्रम),दूरदर्शन महानिदेशालय ।
6. सुश्री वी. सेखोशे, उप महानिदेशक (उ.पू.क्षेत्र), गुवाहाटी ।
7. अपर महानिदेशक (प्रशा. एवं वित्त), उप महानिदेशक (प्रशा.)/वरिष्ठ सतर्कता अधिकारी, अनुभाग अधिकारी (सतर्कता)/निदेशक (सी एंड एस)/उप महानिदेशक (विपणन), मुम्बई ।
8. एनआईसी को इस अनुरोध के साथ प्रेषित कि इसे दूरदर्शन की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाए ।
9. मुख्य कार्यकारी अधिकारी, प्रसार भारती और महानिदेशक, दूरदर्शन के निजी सचिव।
प्रसार भारती
(भारतीय प्रसारण निगम)
दूरदर्शन महानिदेशालय, दूरदर्शन भवन,
कॉपरनिकस मार्ग, नई दिल्ली
.....
फा.सं. 27/1094/2007-पी-IV दिनांक : 16.04.2009
सर्वश्री तलत सैयद और जावेद खान,
मैसर्स मैजिक वर्क्स,
ब्लाक न. बी, फ्लेट न. 6,
वर्सोबा हेवन, जे.पी. रोड,
सेवन बंगला, अंधेरी (वेस्ट),
मुंबई-400 063 ।
विषय : अल्पकालीन अर्जन 2006-07 योजना के तहत "मिजां" प्रस्ताव के बारे में ।
संदर्भ : सॉफ्टवेयर के अर्जन के लिए दूरदर्शन की दिनांक 15.12.2006 की अधिसूचना के संदर्भ में प्रस्तुत किया गया आपका दिनांक 15.01.2007 का प्रस्ताव ।
* दूरदर्शन द्वारा सॉफ्टवेयर के अर्जन संबंधी दिशा-निर्देशों में दिए गए प्रावधानों के अनुसार आपको डीवीसी प्रो फार्मेट में कार्यक्रम प्रस्तुत करने थे ।
* आपको टेप प्रस्तुत करके कार्यक्रमों के साफ्टवेयर प्रस्तुत करने थे । यह देखकर हम स्तब्ध रह गए कि आपने खाली (ब्लैंक) टेप प्रस्तुत कर दिए, जिसका कारण आप स्वयं भली-भांति जानते हैं । इससे स्पष्ट रूप से यह पता चलता है कि आपका इरादा दूरदर्शन के प्राधिकारियों को धोखा देने का था । आपके इस कृत्य से आपके विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 468, 472/511 के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज करने का मामला बनता है ।
* परन्तु नरम रुख अपनाते हुए दूरदर्शन का आपके विरुद्ध फिलहाल कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज करने का इरादा नहीं है । इस प्रकार की अनुशानहीनता तथा धोखेबाजी/छल-कपट के मामलों में की जाने वाली समुचित कार्रवाई के लिए महानिदेशक, दूरदर्शन के पास विहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए आपकी कंपनी अर्थात् मैसर्स मैजिक वर्क्स, मुंबई इसके मालिक/साझीदार/निदेशक पर इसी नाम एवं शीर्ष के तहत अथवा किसी अन्य नाम के तहत इस पत्र के जारी होने की तारीख से दो वर्ष की अवधि के लिए प्रतिबंध लगाने और उक्त अवधि के दौरान दूरदर्शन के साथ कोई लेन-देन करने पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है ।
इसे सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन से जारी किया जाता है ।
(वजीर सिंह)
अनुभाग अधिकारी
प्रतिलिपि प्रेषित :-
1. मुख्य सतर्कता अधिकारी, प्रसार भारती ।
2. सभी दूरदर्शन केंद्रों के प्रमुख ।
3. मुख्य कार्यकारी अधिकारी के विशेष कार्याधिकारी (डीएम) ।
4. चैनल प्रबंधक, डीडी नेशनल/डीडी इंडिया/डीडी भारती/डीडी स्पोर्ट्स/डीडी उर्दू/डीडी-कशीर/
डीडी-एनई ।
5. सभी उप महानिदेशक/वरिष्ठ निदेशक (कार्यक्रम)/उप निदेशक (कार्यक्रम),दूरदर्शन महानिदेशालय ।
6. सुश्री वी. सेखोशे, उप महानिदेशक (उ.पू.क्षेत्र), गुवाहाटी ।
7. अपर महानिदेशक (प्रशा. एवं वित्त), उप महानिदेशक (प्रशा.)/वरिष्ठ सतर्कता अधिकारी, अनुभाग अधिकारी (सतर्कता)/निदेशक (सी एंड एस)/उप महानिदेशक (विपणन), मुम्बई ।
8. एनआईसी को इस अनुरोध के साथ प्रेषित कि इसे दूरदर्शन की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाए ।
9 मुख्य कार्यकारी अधिकारी, प्रसार भारती और महानिदेशक, दूरदर्शन के निजी सचिव
प्रसार भारती
(भारतीय प्रसारण निगम)
दूरदर्शन महानिदेशालय, दूरदर्शन भवन,
कॉपरनिकस मार्ग, नई दिल्ली
.....
फा.सं. 27/1187/2007-पी-IV दिनांक : 15.04.2009
सुश्री मधु राणे,
मैसर्स मैटरिक्स एंटरटेनमेंट,
जे-48, पांडव नगर, मदर डेयरी के सामने,
दिल्ली-110 092 ।
विषय : अल्पकालीन अर्जन 2006-07 योजना के तहत "अंदाजे-गुफ्तगू" प्रस्ताव के बारे में ।
संदर्भ : सॉफ्टवेयर के अर्जन के लिए दूरदर्शन की दिनांक 15.12.2006 की अधिसूचना के संदर्भ में प्रस्तुत किया गया आपका दिनांक 15.01.2007 का प्रस्ताव ।
* दूरदर्शन द्वारा सॉफ्टवेयर के अर्जन संबंधी दिशा-निर्देशों में दिए गए प्रावधानों के अनुसार आपको डीवीसी प्रो फार्मेट में कार्यक्रम प्रस्तुत करने थे ।
* आपको टेप प्रस्तुत करके कार्यक्रमों के साफ्टवेयर प्रस्तुत करने थे । यह देखकर हम स्तब्ध रह गए कि आपने खाली (ब्लैंक) टेप प्रस्तुत कर दिए, जिसका कारण आप स्वयं भली-भांति जानते हैं । इससे स्पष्ट रूप से यह पता चलता है कि आपका इरादा दूरदर्शन के प्राधिकारियों को धोखा देने का था । आपके इस कृत्य से आपके विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 468, 472/511 के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज करने का मामला बनता है ।
* परन्तु नरम रुख अपनाते हुए दूरदर्शन का आपके विरुद्ध फिलहाल कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज करने का इरादा नहीं है । इस प्रकार की अनुशानहीनता तथा धोखेबाजी/ छल-कपट के मामलों में की जाने वाली समुचित कार्रवाई के लिए महानिदेशक, दूरदर्शन के पास विहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए आपकी कंपनी अर्थात् मैसर्स मैटरिक्स एंटरटेनमेंट, नई दिल्ली, इसके मालिक/साझीदार/निदेशक पर इसी नाम एवं शीर्ष के तहत अथवा किसी अन्य नाम के तहत इस पत्र के जारी होने की तारीख से दो वर्ष की अवधि के लिए प्रतिबंध लगाने और उक्त अवधि के दौरान दूरदर्शन के साथ कोई लेन-देन करने पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है ।
इसे सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन से जारी किया जाता है ।
(वजीर सिंह)
अनुभाग अधिकारी
प्रतिलिपि प्रेषित :-
1. मुख्य सतर्कता अधिकारी, प्रसार भारती ।
2. सभी दूरदर्शन केंद्रों के प्रमुख ।
3. मुख्य कार्यकारी अधिकारी के विशेष कार्याधिकारी (डीएम) ।
4. चैनल प्रबंधक, डीडी नेशनल/डीडी इंडिया/डीडी भारती/डीडी स्पोर्ट्स/डीडी उर्दू/डीडी-कशीर/
डीडी-एनई ।
5. सभी उप महानिदेशक/वरिष्ठ निदेशक (कार्यक्रम)/उप निदेशक (कार्यक्रम),दूरदर्शन महानिदेशालय ।
6. सुश्री वी. सेखोशे, उप महानिदेशक (उ.पू.क्षेत्र), गुवाहाटी ।
7. अपर महानिदेशक (प्रशा. एवं वित्त), उप महानिदेशक (प्रशा.)/वरिष्ठ सतर्कता अधिकारी, अनुभाग अधिकारी (सतर्कता)/निदेशक (सी एंड एस)/उप महानिदेशक (विपणन), मुम्बई ।
8. एनआईसी को इस अनुरोध के साथ प्रेषित कि इसे दूरदर्शन की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाए ।
9 मुख्य कार्यकारी अधिकारी, प्रसार भारती और महानिदेशक, दूरदर्शन के निजी सचिव
प्रसार भारती
(भारतीय प्रसारण निगम)
दूरदर्शन महानिदेशालय, दूरदर्शन भवन,
कॉपरनिकस मार्ग, नई दिल्ली
.....
फा.सं. 27/1324/2007-पी-IV दिनांक : 13.04.2009
श्री संदीप ग्रोवर,
मैसर्स श्रेय मीडिया एंटरटेनमेंट्स,
ए-2/49, आशीर्वाद अपार्टमेंट्स,
पश्चिम विहार, नई दिल्ली-110063 ।
विषय :अल्पकालीन