निर्माताओं को काली सूची में डालना


दूरदर्शन भवन,
कॉपरनिकस मार्ग,
नई दिल्ली- 110001
ईमेल:
webadmin@dd.nic.in



निर्माताओं को काली सूची में डालना

निर्माताओं को काली सूची में डालना

 

प्रसार भारती

(भारतीय प्रसारण निगम)

दूरदर्शन महानिदेशालय

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दूरदर्शन भवन, कॉपरनिकस मार्ग,

नई दिल्ली, दिनांक 8 मई, 2007

 

फा. सं. 2/322/06-यू.सी.

 

श्री रोशन लाल

मैसर्स जाहन्वी प्रोडक्शन

210, अवंती, कौशाम्बी,

गाजियाबाद

 

विषय: निर्माताओं को कालीसूची में डालने के बारे में ।

 

संदर्भ: सॉफ्टवेयर के अर्जन के लिए दिनांक 24.1.2006 की अधिसूचना के उत्तर में प्रस्तुत किया गया आपका प्रस्ताव संख्या "शून्य", दिनांक 24.2.2006 ।

 

o              दूरदर्शन द्वारा सॉफ्टवेयर के अर्जन संबंधी दिशा-निर्देशों में दिए गए प्रावधानों के अनुसार अन्य बातों के साथ-साथ आपको डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से 10,000 रुपए का अप्रतिदेय प्रक्रिया शुल्क प्रस्तुत करना था ।

o              डिमांड ड्राफ्ट की बजाय आपने उक्त प्रक्रिया शुल्क पंजाब नेशनल बैंक के चैक सं. 423697, दिनांक 24.2.2006 के द्वारा प्रस्तुत करना पसंद किया ।

o              दूरदर्शन ने आपकी विश्वसनीयता को स्वीकार करते हुए आपके चैक कोसकारने (ऑनर) का प्रयास किया और तदनुसार इसे प्रसार भारती के खाते में जमा कराने के लिए बैंक भेज दिया ।

o              उक्त चैक आपके खाते में पर्याप्त राशि उपलब्ध न होने के कारण अस्वीकृत (बाउंस) हो  गया ।

o              उक्त चैक के अस्वीकृत (बाउंस) हो जाने पर भारतीय पराक्रम्य लिखत अधिनियम के तहत कार्रवाई अपेक्षित है ।

o              आपके खाते में पर्याप्त राशि न होते हुए दिनांक 24.2.2006 का चैक जारी करने के संबंध में आपसे अपना बचाव करने का अनुरोध किया गया था, परन्तु आप ऐसा करने में असफल रहे ।

o              सक्षम प्राधिकारी द्वारा उपर्युक्त तथ्यों को ध्यान मे ंरखते हुए मामले पर विचार किया गया  है ।

o              अत: इस प्रकार के मामले में और अनुशासनहीनता एवं कपट के मामले में की जाने वाली समुचित कार्रवाई के लिए महानिदेशक दूरदर्शन के पास निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए आपकी कंपनी अर्थात् मैसर्स जाहन्वी प्रोडक्शन को काली सूची में डालने तथा उस पर दूरदर्शन के साथ आगे कोई भी लेन-देन करने पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया है ।

 

इसे सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन से जारी किया गया है ।

 

(सुभाष कुमार)

अनुभाग अधिकारी (पीजी-VIII)

कृते महानिदेशक

 

प्रतिलिपि निम्नलिखित को प्रेषित:-

 

i  सभी दूरदर्शन केन्द्रों के प्रमुख ।

ii  चैनल प्रबंधक, डीडी नेशनल/डीडी इंडिया/डीडी भारती/डीडी स्पोर्ट्स/डीडी उर्दू ।

iii  दूरदर्शन महानिदेशालय में सभी उप महानिदेशक/वरिष्ठ निदेशक कार्यक्रम/निदेशक कार्यक्रम/उप निदेशक कार्यक्रम ।

iv  उप महानिदेशक (प्रशा.)/निदेशक (प्रशा.)/निदेशक (विज्ञापन और विक्रय)/निदेशक (विपणन) मुंबई को सूचना एवं मामले में आवश्यक कार्रवाई हेतु ।

 

प्रति निम्नलिखित को सूचनार्थ प्रेषित:-

i  अपर महानिदेशक (वित्त)/उप महानिदेशक (पीजी VIII)

ii  महानिदेशक के निजी सचिव ।


प्रसार भारती

(भारतीय प्रसारण निगम)

दूरदर्शन महानिदेशालय

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दूरदर्शन भवन, कॉपरनिकस मार्ग,

नई दिल्ली, दिनांक 8 मई, 2007

 

फा. सं. 2/322/06-यू.सी.

 

श्री योगेश कुमार

मैसर्स टुडे विजन

216 बी, झिलमिल

डीडीए फ्लैट्स,

दिल्ली-95

 

विषय: निर्माताओं को कालीसूची में डालने के बारे में ।

 

संदर्भ: सॉफ्टवेयर के अर्जन के लिए दूरदर्शन की दिनांक 24.1.2006 की अधिसूचना के उत्तर में प्रस्तुत किया गया आपका प्रस्ताव संख्या "शून्य" दिनांक "शून्य" ।

 

o                    दूरदर्शन द्वारा सॉफ्टवेयर के अर्जन संबंधी दिशा-निर्देशों में दिए गए प्रावधानों के अनुसार अन्य बातों के साथ-साथ आपको डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से 10,000 रुपए का अप्रतिदेय प्रक्रिया शुल्क प्रस्तुत करना था ।

o                    डिमांड ड्राफ्ट की बजाय आपने उक्त प्रक्रिया शुल्क पंजाब नेशनल बैंक के चैक सं. 423698, दिनांक 24.2.2006 के द्वारा प्रस्तुत करना पसंद किया ।

o                    दूरदर्शन ने आपकी विश्वसनीयता को स्वीकार करते हुए आपके चैक को सकारने (ऑनर) का प्रयास किया और तदनुसार इसे प्रसार भारती के खाते में जमा कराने के लिए बैंक भेज दिया ।

o                    उक्त चैक आपके खाते में पर्याप्त राशि उपलब्ध न होने के कारण अस्वीकृत (बाउंस) हो गया ।

o                    उक्त चैक के अस्वीकृत (बाउंस) हो जाने पर भारतीय पराक्रम्य लिखत अधिनियम के तहत कार्रवाई अपेक्षित है ।

o                    आपके खाते में पर्याप्त राशि न होते हुए भी दिनांक 24.2.2006 का चैक जारी करने के संबंध में आपसे अपना बचाव करने का अनुरोध किया गया था ।

o                    आपके दिनांक 20.07.2006 के स्पष्टीकरण की जांच की गई है परन्तु वह अपूर्ण एवं झूठी वरीयता वाला पाया गया है ।

o                    अत: इस प्रकार के मामले में और अनुशासनहीनता एवं कपट के मामले में की जाने वाली समुचित कार्रवाई के लिए महानिदेशक दूरदर्शन के पास निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए आपकी कंपनी अर्थात् मैसर्स टुडेविजन को काली सूची में डालने तथा उस पर दूरदर्शन के साथ आगे कोई भी लेनदेन करने पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया  है ।

 

इसे सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन से जारी किया गया है ।

 

(सुभाष कुमार

अनुभाग अधिकारी (पीजी-VIII)

कृते महानिदेशक

 

प्रतिलिपि निम्नलिखित को प्रेषित:-

 

i  सभी दूरदर्शन केन्द्रों के प्रमुख ।

ii  चैनल प्रबंधक, डीडी नेशनल/डीडी इंडिया/डीडी भारती/डीडी स्पोर्ट्स/डीडी उर्दू ।

iii  दूरदर्शन महानिदेशालय में सभी उप महानिदेशक/वरिष्ठ निदेशक कार्यक्रम/निदेशक कार्यक्रम/उप निदेशक कार्यक्रम ।

iv  उप महानिदेशक (प्रशा.)/निदेशक (प्रशा.)/निदेशक (विज्ञापन और विक्रय)/निदेशक (विपणन) मुंबई को सूचना एवं मामले में आवश्यक कार्रवाई हेतु ।

 

प्रति निम्नलिखित को सूचनार्थ प्रेषित:-

i  अपर महानिदेशक (वित्त)/उप महानिदेशक (पीजी-VIII)

ii  मुख्य कार्यकारी अधिकारी के निजी सचिव, महानिदेशक, दूरदर्शन के निजी सचिव ।

 

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